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ताना बाना

इतिहास में आज: आठ जुलाई

आज ही के दिन 1990 में फुटबॉल विश्व कप का फाइनल खेला गया था जिसमें जर्मनी ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब अपने नाम किया था.

पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के एकीकरण से कुछ ही महीने पहले इटली में हुआ फुटबॉल विश्व कप मुकाबला रोमांच और ड्रामा से भरपूर था. जर्मनी ने अर्जेंटीना को हराकर तीसरा विश्व कप जीता. इसके चार साल पहले भी फाइनल मुकाबला इन्हीं दो टीमों के बीच हुआ था जिसमें अर्जेंटीना ने जीत हासिल की थी. इस तरह 1990 का फाइनल जर्मनी के लिए हिसाब चुकता करने का मौका था. फाइनल दौर बहुत दिलचस्प रहा और कुछ लोग इन्हें सबसे बुरा फाइनल मुकाबला भी मानते हैं.

इस मैच में जर्मन टीम के कोच फ्रांत्स बेकेनबावर ने व्यक्तिगत इतिहास भी रचा था. इसके पहले भी वह 1974 में टीम के खिलाड़ी के तौर पर विश्व कप जीत चुके थे. डिएगो माराडोना और रूडी फोएलर जैसे खिलाड़ियों के होते हुए भी दोनों टीमों ने काफी डिफेंसिव खेल दिखाया. खेल के आधे समय तक दोनों टीमें एक भी गोल नहीं दाग पाईं. मैच का फैसला आंद्रेयास ब्रेमर के गोल से हुआ. जर्मनी 1-0 से जीता.

आधे समय के बाद अर्जेंटीना के डिफेंडर पेड्रो मोनसोन को जर्मनी के युर्गेन क्लिंसमन पर फाउल करने के लिए सीधे रेड कार्ड दिखा दिया गया. मैच खत्म होते होते अर्जेंटीना की टीम में केवल नौ खिलाड़ी ही रह गए थे. विश्व कप के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी खिलाड़ी को फाइनल में बाहर भेजा गया हो. इसके अलावा इसी विश्व कप में सबसे कम गोल होने का रिकार्ड भी बना था. प्रति मैच केवल 2.21 गोलों का औसत दर्ज किया गया.

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