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ताना बाना

इतिहास में आजः 3 सितंबर

फिल्म 'कंपनी' में चंदू के किरदार के साथ हिन्दी फिल्मों में कदम रखते ही वह दर्शकों के मन को भा गए. बात हो रही है विवेक ओबेरॉय की. अच्छे अभिनय की तारीफ पाने वाले विवेक के सितारे इन दिनों गर्दिश में हैं.

विवेक ओबेरॉय आज मना रहे हैं अपना 37वां जन्मदिन. हिन्दी फिल्म अभिनेता सुरेश ओबेरॉय के बेटे विवेक ने रामगोपाल वर्मा की फिल्म कंपनी में एक गैंगस्टर के किरदार के साथ फिल्मी करियर की शुरुआत की. फिर रोड, दम, साथिया और युवा जैसी फिल्मों में भी उनके काम की खूब तारीफ हुई. दर्शकों ने भी उन्हें इंडस्ट्री के नए स्टार जैसी तवज्जो दी, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके सितारे बदल गए. इस बीच निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म ओंकारा में भी उनके काम की खासी तारीफ हुई. लेकिन अच्छी अदाकारी के लिए तारीफ बटोरने वाले विवेक के पास बीते कुछ सालों में बहुत काम नहीं रहा. 2007 में उनकी फिल्म शूटआउट एट लोखंडवाला, 2008 में मिशन इस्तांबुल और 2009 में कुर्बान थिएटर पहुंचीं. 2010 में रामगोपाल वर्मा की ही रक्तचरित्र उनकी आखिरी बड़ी फिल्म थी. तब से उन्हें छोटी मोटी फिल्मों में ही देखा गया है.

विवेक ने अजमेर के मेयो कॉलेज में शुरुआती पढ़ाई की. लंदन में एक्टिंग की एक वर्कशॉप के दौरान न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के निदेशक ने विवेक की प्रतिभा को भांप लिया और उन्हें न्यूयॉर्क आने का प्रस्ताव दिया. इसके बाद विवेक ने वहीं से एक्टिंग में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. भारत वापसी पर विवेक ने कुछ दिन पटकथा लेखन का काम भी किया जिसके बाद रामू ने उन्हें 2002 में फिल्म कंपनी में चंदू का किरदार दिया था.

29 अक्टूबर 2010 को विवेक ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री जीवराज अल्वा की बेटी प्रियंका अल्वा से शादी कर ली. उनके लड़के का नाम विवान वीर ओबोरॉय है.

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