इतिहास में आजः 25 अगस्त | ताना बाना | DW | 25.08.2013
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ताना बाना

इतिहास में आजः 25 अगस्त

कैप्टन कुक...ये नाम कहां से आया. कुछ याद है. यह नाम कैप्टन जेम्स कुक को याद करते हुए प्रचलित हुआ.

आज ही के दिन यानी 25 अगस्त 1768 को ब्रिटेन के जेम्स कुक अपनी पहली साहसिक समुद्री यात्रा पर निकले. इसी यात्रा में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की खोज की और प्रशांत महासागर के जलमार्ग बताने वाले नक्शे तैयार किए. कैप्टन कुक की वजह से इंसान ने 5000 मील का तटीय इलाका खोजा. जेम्स कुक ने कला और विज्ञान जगत को भी काफी कुछ दिया. वो अपने साथ दबाव, तापमान और नमी मापने वाले यंत्र लेकर गए. प्रशांत महासागर की कई जानकारियां पहली बार यूरोप तक उन्हीं के जरिए पहुंची.

वो पहले शख्स थे जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप के मूल निवासियों से संवाद किया. उन मूल निवासियों को एबोरिजनल या एबोरिजनीस कहा जाता है. कैप्टन कुक की डायरी से ही पता चला कि एबोरिजनल लोग प्रकृति के अत्यंत करीब हैं. मशीनी युग के हिसाब से बहुत पिछड़े होने के बावजूद वो प्राकृतिक संकेतों को जबरदस्त तरीके से समझते हैं. अब 300 साल बाद पश्चिमी कला जगत से जुड़े लोग भी यह मान रहे हैं कि यूरोप की कला में एबोरिजनल आर्ट की झलक भी मिलती है. माना जाता है कि जेम्स कुक के साथ ही ये यूरोप पहुंची.

जेम्स कुक तीन बार लंबी समुद्री यात्राओं पर निकले. 1779 में हवाई के पास जेम्स कुक के जत्थे का स्थानीय लोगों से विवाद हो गया. कुक अपने दल की एक नाव चोरी होने से खफा थे. विवाद इतना बढ़ा कि कुक और उनके चार साथियों की हत्या कर दी गई.

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