इतिहास में आजः 21 जनवरी | ताना बाना | DW | 20.01.2014
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ताना बाना

इतिहास में आजः 21 जनवरी

आज ही के दिन सुमात्रा के तट के पास समुद्री तूफान में यात्रियों से भरी नाव डूब गई थी. इस नाव में सवार 340 लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई.

21 जनवरी 1996, यही वह दिन है जब इंडोनेशिया में भयानक नाव हादसा हुआ था. 555 टन वजनी गुरिता नाव का इस्तेमाल नौकाविहार के लिए होता था. इस नाव का इस्तेमाल इंडोनेशिया के द्वीपों तक जाने के लिए किया जाता था. 21 जनवरी को गुरिता जकार्ता से सबंग के लिए रवाना हुई थी. हालांकि नाव में कितने लोग सवार थे. इस बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं लग पाई. लेकिन अंदाजा लगाया जाता है कि उस वक्त नाव में करीब 400 लोग सवार थे जो कि गुरिता के आधिकारिक क्षमता से कहीं अधिक थे.

नाव जब सबंग से 10 किलोमीटर दूर थी समंदर में तेज तूफान आया. तेज लहरों में जहाज हिलने लगा. लोगों में लाइफ जैकेट को लेकर मारा मारी शुरू हो गई. कई लोग उस तूफान में समंदर में कूदने को मजबूर हुए. तेज लहरों में गुरिता समंदर में डूब गई. कुछ लोगों ने जैसे तैसे अपनी जान बचाई. इस हादसे में 47 लोग बच गए. हादसे में मारे गए ज्यादातर लोगों के शव कभी मिले ही नहीं. इस बात के संकेत नहीं मिले कि नाव में सवार अधिक लोगों की वजह से नाव समंदर में डूबी या फिर कोई और कारण था.

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