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ताना बाना

इतिहास में आजः 12 अगस्त

अपनी खूबसूरती और नाक के अलावा क्लियोपेट्रा अपनी मौत के राज के लिए भी मशहूर हैं. करीब 2150 साल पहले ईसा पूर्व 33 में आज ही दिन उनकी मौत हुई. मिस्र की रानी क्लियोपेट्रा उस वक्त महज 38 साल की थीं.

सहस्राब्दियां बीतने के बाद भी क्लियोपेट्रा की मौत से पर्दा नहीं उठा है. रोमन इतिहासकारों का मानना है कि एक्टिउम की जंग में हार के बाद उस वक्त के रिवाज के हिसाब से क्लियोपेट्रा ने एक मिस्री कोबरा सांप से खुद को कटवा लिया और उनकी मौत हो गई.

कहा जाता है कि क्लियोपेट्रा ने अपने बदन पर सांप को लुभाने वाला तेल लगाया, जिसके बाद एस्प (मिस्र के जहरीले सांप) ने उसके वक्ष पर काट लिया. बताया जाता है कि स्ट्राबो नाम का व्यक्ति उस वक्त मौजूद था, जिसने बाद में इसकी गवाही दी. बाद के 10-15 सालों में कुछ और इतिहासकारों ने भी ऐसा ही लिखा.

लेकिन कुछ और लोगों का कहना है कि हार के बाद ऑगस्टस ने क्लियोपेट्रा की हत्या कर दी. इससे पहले क्लियोपेट्रा ने अपने पिता और भाइयों के साथ मिल कर मिस्र पर राज किया था.

2010 में एक जर्मन इतिहासकार क्रिस्टोफ शेफर ने सभी दावों पर सवाल उठाते हुए अलग थ्योरी दी. उनके मुताबिक क्लियोपेट्रा को जहर दिया गया, जिसे पीने से उसकी मौत हुई. इस नतीजे पर पहुंचने के लिए उन्होंने कई प्राचीन पुस्तकों का हवाला दिया है. शेफर का कहना है कि अगर एस्प किसी को काटता है, तो उसकी मौत तड़प तड़प कर होती है, एकदम से नहीं क्योंकि उसके जहर से पहले शरीर के कुछ हिस्से अपाहिज हो जाते हैं और फिर आंखों की रोशनी जाती रहती है. उसके बाद शरीर के दूसरे हिस्सों पर सांप के जहर का असर होता है.

बहरहाल, क्लियोपेट्रा की शख्सियत उसकी खूबसूरती और रूमानियत के लिए जानी जाती है, जिस पर विलियम शेक्सपीयर जैसे साहित्यकार भी फिदा थे और जिनके नाटकों में क्लियोपेट्रा कहीं न कहीं नजर आती थीं.

एजेए/एजेए

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