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खेल

इटली को प्रोफेसर का अलविदा

फुटबॉल के मैदान में प्रोफेसर पिर्लो का आखिरी दिन आ ही गया. उरुग्वे और इटली का मैच खत्म होते ही खेल के प्रोफेसर कहे जाने वाले पिर्लो ने पसीने से तर बतर नीली जर्सी हमेशा के लिए उतार दी और सुंदर खेल की एक पाठशाला बंद हो गई.

उरुग्वे और इटली के बीच खेले जा रहे मैच में जैसे ही आखिरी सीटी बजी, इटली के कई फुटबॉल प्रेमियों की आंखों में आंसू उमड़ आए. बेंच पर बैठे कुछ खिलाड़ी भी रोने लगे. उन्हें पता था कि इस हार के साथ इटली क्या कुछ खोने जा रहा है. टीम के मिडफील्डर 35 साल के आंद्रेया पिर्लो और 36 साल के गोलकीपर जानलुइजी बुफोन चुपचाप मैदान छोड़ रहे थे. उरुग्वे के हाथों 1-0 से हारते ही टीम वर्ल्ड कप से बाहर होने वाली एक और दिग्गज यूरोपीय टीम बन गई.

लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के पहले दौर से बाहर होने पर इतालवी फुटबॉल में थरथराहट मच गई. मैच के फौरन बाद इटली की टीम के स्तंभ कहे जाने वाले खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को 'अलविदारची' (इटैलियन में बाय बाय) कहना शुरू कर दिया. पहला इस्तीफा कोच चेजारे प्रांदेली का आया. फिर इटैलियन फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष जियांकार्लो अबेटे ने इस्तीफा दिया. इसी बीच मौजूदा फुटबॉल के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में शुमार जानलुइजी बुफोन ने भी हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया. बुफोन टीम के कप्तान भी थे. बुफोन ने कहा, "यह हमारे लिए बहुत दुख का दिन है. एक टीम के नाते भी और व्यक्तिगत रूप से भी."

Fußball WM 2014 Italien Uruguay

मैच के बाद निराश बुफोन

पहले दौर से रुखसत

एक तरफ इस्तीफे थे, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विरक्त होने वाला एक महान खिलाड़ी था. मैच के बाद फुटबॉल के आर्किटेक्ट, मोजार्ट और प्रोफेसर कहे जाने वाले पिर्लो ने अंतरराष्ट्रीय मैचों को अलविदा कह दिया. कद में छोटे और रफ्तार में धीमे होने के बावजूद पिर्लो ने 2006 से 2014 तक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को धीमा धीमा इटैलियन डांस कराया. 100 फीसदी सटीक पास बनाने और एक किक में विरोधी टीम की हवा निकाल देने वाले पिर्लो अब नीली जर्सी में कभी नहीं दिखाई देंगे. अचूक फ्री किक के साथ ही दर्शक कड़े से कड़े मुकाबले में पिर्लों के चेहरे पर रहने वाली शांति को भी मिस करेंगे.

2006 में इटली को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में पिर्लो का साथ देने वाले बुफोन भी अब टीम के गोलपोस्ट पर प्रहरी के तौर पर नहीं दिखेंगे. उरुग्वे के साथ मैच में भी उन्होंने जबरदस्त गोलकीपिंग की, लेकिन हार ने उन्हें दस्ताने उतारने पर मजबूर कर दिया. स्पेन और इंग्लैंड के बाद इटली तीसरी बड़ी यूरोपीय टीम है, जो 2014 के वर्ल्ड कप के पहले दौर से रुखसत हुई है.

इंग्लैंड की बुरी हालत

स्पेन और इटली तो कम से कम एक मैच जीते, हालत इंग्लैंड की बुरी रही. मंगलवार को आखिरी मैच में इंग्लैंड को जीत नसीब नहीं हुई, टीम को कोस्टा रिका ने 0-0 पर रोक दिया. ड्रॉ के साथ ही कोस्टा रिका ग्रुप डी के शीर्ष पर पहुंच गया. प्री क्वार्टर फाइनल में अब टीम को ग्रीस से भिड़ना होगा. ग्रीस ने अफ्रीका की ताकतवर टीम आइवरी कोस्ट और उसके स्टार स्ट्राइकर डिडियर ड्रोग्बा को 2-1 से बाहर कर दिया.

उरुग्वे ने भले ही इटली को हराकर अगले दौर में जगह बनाई हो लेकिन वहां उसका सामना मजबूत कोलंबिया की टीम से होगा. ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच में कोलंबिया ने जापान को 4-1 से हराकर अपने इरादे जता दिए है. टीम ग्रुप सी शीर्ष पर है.

ओएसजे/आईबी (एएफपी, रॉयटर्स)

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