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ताना बाना

इटली का कचरा कर सकता है कचरा

यूरोपीय संघ ने इटली को चेतावनी दी है कि अगर उसने नापोली शहर के आसपास कचरे को साफ करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए तो उस पर भारी जुर्माना किया जा सकता है. इटली में कचरे का संकट बढ़ रहा है और यूरोपीय संघ इस पर गंभीर है.

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कचरा संकट इतना बड़ा

संघ के पर्यावरण मामलों कें आयुक्त यानेस पोटोचनिक ने कहा, "हाल के दिनों में कंपानिया क्षेत्र में जो कुछ हो रहा है उससे मैं काफी चिंतित हूं. आज के हालात हमें यह मानने पर मजबूर कर रहे हैं कि इटली के अधिकारियों ने 2007 से अब तक जो भी उपाय किए हैं वे नाकाफी रहे हैं."

Neapel Müllkrise

हिंसक हुआ विरोध

पोटोचनिक ने बताया कि पर्यावरण आयोग उस इलाके में एक टीम भेजने पर विचार कर रहा है जो इस बात का पता लगाएगी कि इटली ने कचरे के निपटारे के लिए यूरोपीय संघ के नियमों का पालन किया है या नहीं.

यूरोप के सर्वोच्च न्यायालय ने मार्च में इटली को यूरोपीय संघ के कानूनों के उल्लंघन का जिम्मेदार पाया था. 18 महीने पहले प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने नापोली में कचरे के संकट का एलान किया था. अब अगर यूरोपीय संघ मामले को दोबारा सर्वोच्च न्यायालय को भेजता है और इटली के खिलाफ फैसला लेता है तो उसे करोड़ों यूरो का जुर्माना भरना पड़ सकता है. इस तरह के जुर्माने किसी भी देश के जीडीपी के आधार पर तय किए जाते हैं.

प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी की 2007 में चुनावों में जीत में इस मुद्दे ने अहम भूमिका निभाई थी. शुक्रवार को उन्होंने वादा किया कि वह तेरत्सिगनो नाम के शहर को मुआवजा देंगे. नापोली के पास स्थित इस शहर में यूरोप का सबसे बड़ा वेस्ट डंप बनाया जा रहा है. इस बात का वहां विरोध हो रहा है और हिंसक स्तर तक पहुंच चुका है. शहर के मेयर ने बर्लुस्कोनी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. उनका कहना है कि वह अपने क्षेत्र की हर हाल में रक्षा करेंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एन रंजन

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