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दुनिया

इंसान का अंतिम संस्कार करेगा रोबोट

सामने शव होगा और परिवार व मित्रों की आंखों में आंसू. लेकिन वहां मौजूद एक इंसान जैसा ढांचा भी होगा जो बिना विचलित हुए मंत्र पढ़ेगा. असल में वह रोबोट होगा, जो अंतिम संस्कार कराएगा.

जापान की एक कंपनी ने इंसान जैसे दिखते रोबोट यानि ह्यूमेनॉएड को अब अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी भी दे दी है. रोबोट को 'पेपर' नाम दिया गया है. पेपर एक बौद्ध पुजारी की तरह अंतिम संस्कार कराएगा. इस दौरान रोबोट बौद्ध धर्म के मृत्यु संस्कार वाले सूत्र भी जोर जोर से पढ़ेगा.

सूत्रों के साथ साथ रोबोट की आवाज में ढोल की धीमी घनघनाहट भी होगी. जापान की कंपनी निसेई कॉरपोरेशन ने टोक्यो में लाइफ एंडिंग इंडस्ट्री एक्सपो के दौरान पेपर रोबोट को पेश किया.

जापान की बड़ी आबादी बूढ़ी हो रही है. देश जनसंख्या गिरने से भी परेशान है. यही वजह है कि कारखानों, होटलों और हॉस्पिटलों में बड़े पैमाने पर रोबोटों की मदद ली जा रही है. अंतिम संस्कार करने वाले बौद्ध पुजारियों की संख्या भी कम हुई है. आम तौर पर उनकी बहुत ज्यादा कमायी नहीं होती है, इसी वजह से युवा पुरोहितगिरी से दूर भाग चुके हैं.

निसेई कॉरपोरेशन के एक्जीक्यूटिव एडवाइजर मिचियो इनामुरा के मुताबिक पुजारियों को मंदिर के साथ साथ रोजी रोटी के लिए पार्ट टाइम नौकरी भी करनी पड़ती है. इन मुश्किलों के चलते पुजारियों की संख्या काफी कम हुई हैं. कंपनी इस कमी को रोबोटों के जरिये पूरा करना चाहती है.

रोबोट पुजारी, आम पुजारी के मुताबिक बेहद सस्ता भी होगा. पुजारी जहां एक अंतिम संस्कार के बदले 2,40,000 येन (करीब 2,200 डॉलर) लेता है, वहीं रोबोट दुनिया से विदाई की रस्म 450 डॉलर में कर देगा.

बौद्ध पुजारी तेजसुगी मातसुओ भी पेपर रोबोट को देखने एक्सपो में आये. मातसुओ के मुताबिक रोबोट ये काम कर तो देगा, लेकिन मशीनी अंतिम संस्कार में हर किसी को कुछ न कुछ कमी जरूर खलेगी.

(यह नौकरी भी छीन ली रोबोट ने)

ओएसजे/आरपी (रॉयटर्स)

 

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