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विज्ञान

इंसानों से फैल सकता है बर्ड फ्लू

चीन में बर्ड फ्लू के इस साल हुए मामले के वैज्ञानिक विश्लेषण से इस बात के संकेत मिले हैं कि एच7एन9 वायरस इंसान से इंसान में फैल सकता है. चीन में मार्च से अब तक बर्ड फ्लू से 43 लोग मारे गए हैं.

चीनी वैत्रानिकों ने बुधवार को इंसान से इंसान को हुए संभावित सीधे बर्ड फ्लू संक्रमण के बारे में बताया. शोधकर्ताओं की टीम ने ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के ऑनलाइन संस्करण बीएमजे डॉट कॉम पर लिखा है कि यह विकास चिंताजनक है और इस पर नजर रखने की जरूरत है. टीम ने इस पर भी जोर दिया है कि पक्षियों से इंसानों में पहुंचने वाला यह वाइरस अभी भी इंसानों के बीच फैलने की स्थिति में नहीं है. बर्ड फ्लू से गंभीर रूप से प्रभावित प्रांत जियांगसू के रोग नियंत्रण और निरोधक केंद्र के संक्रमण विशेषज्ञ चांग जून बाओ ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. इस नए वायरस के ट्रांसफर की क्षमता उतनी असरदार नहीं थी." वैज्ञानिकों में काफी समय से यह आशंका थी कि वायरस ऐसा रूप ले सकता है कि वह आसानी से इंसान से इंसान के बीच फैल सके. (फिर होगी बर्ड फ्लू पर रिसर्च)

इस नई स्टडी में बाओ और उनकी टीम ने एक 60 वर्षीय पुरुष के मामले की जानकारी दी है, जिनकी बायरस से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में मौत हो गई. मौत से पहले संभवतः उनकी बेटी तक संक्रमण पहुंच गया. पिता की एक हफ्ते तक देखभाल करने वाली 32 वर्षीय महिला की भी अस्पताल में मौत हो गई. महिला का संक्रमित मुर्गियों के साथ कोई संपर्क नहीं हुआ था, जिसकी वजह से शोधकर्ता यह सोचने पर विवश हो गए हैं कि उसकी बीमारी का अत्यंत संभावित कारण पिता से वायरस का संक्रमण था. उसके पिता जरूर नियमित रूप से मुर्गी बाजार जाया करते थे.

बाओ ने बताया, "अस्पताल में सेवा के दौरान पिता की सांस से निकलने वाले वायरस से सीधे संपर्क के अलावा बेटी का मुर्गियों या इंफेक्शन के किसी दूसरे संदिग्ध स्रोत के साथ कोई निश्चित संपर्क नहीं था." दोनों मरीजों के वायरस के जेनेटिक टेस्ट में वे लगभग एक समान पाए गए हैं. रिसर्च पेपर में कहा गया है कि सीधे ट्रांसमिशन के संदिग्ध सबूत के बावजूद वायरस के प्रसार की संभावना "सीमित और अस्थायी" है. इन दोनों मरीजों के साथ संपर्क में आने वाले दूसरे 43 लोग, जिनमें अस्पताल का स्टाफ भी था, वायरस का शिकार नहीं हुआ. वैज्ञानिकों का कहना है कि वे गंभीर रूप से बीमार मरीजों से बातचीत नहीं कर पाए, इसलिए इस संभावना से पूरी तरह इंकार नहीं कर सकते कि बेटी को कहीं और से वायरस लगा, हालांकि इसकी कम संभावना लगती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताजा आंकड़ों के अनुसार फरवरी तक अज्ञात बर्ड फ्लू वायरस एच7एन9 से मार्च में संक्रमण की पहली खबर आने के बाद से चीन में 132 लोग बीमार हुए, जिनमें से 43 लोगों की मौत हो गई. एक मामला ताइवान में दर्ज किया गया. अधिकांश मामले ऐसे लोगों के थे जो मुर्गी बाजार जाते थे या संक्रमण से सात से 10 दिन पहले जिंदा पक्षियों के संपर्क में आए थे. जून में एक स्टडी में चेतावनी दी गई थी कि नए संक्रमण के मामलों में पतझड़ के बाद तेजी आ सकती है.

अमेरिकी पत्रिका साइंस में मई में प्रकाशित एक लैब रिपोर्ट में कहा गया था कि एच7एन9 वायरस स्तनपायी जानवरों में फैल सकता है और यह कुछ खास परिस्थितियों में इंसानों के साथ भी हो सकता है. एच7 फ्लू वायरस ऐसा ग्रुप है जो आम तौर पर पक्षियों में घूमता है. एच7एन9 उसका एक सबग्रुप है जो चीन में महामारी की तरह फैलने से पहले इंसानों में कभी नहीं पाया गया था.

रिसर्च पेपर पर बीएमजे एडिटोरियल मे टिप्पणी करते हुए थाईलैंड के संक्रामक रोग पॉलिसी रिसर्च ग्रुप के जेम्स रज और रिचर्ड कोकर ने कहा है कि यह इंसानों से इंसानों में एच7एन9 वायरस के प्रसार का अब तक का सबसे मजबूत सबूत है. इंसानी ट्रांसमिशन के इक्का दुक्का मामले पहले भी एच5एन1 या एच7एन7 जैसे बर्ड फ्लू वायरसों में सामने आते रहे हैं, जिनमें से किसी ने आसानी से फैलने वाला रूप नहीं लिया है. रज और कोकर कहते हैं, "पेपर यह नहीं कहता कि एच7एन9 वायरस अगली महामारी पैदा करने के करीब है, लेकिन यह अत्यंत सजग रहने की जरूरत की समय रहते चेतावनी जरूर देता है."

एमजे/एनआर (एएफपी, रॉयटर्स)

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