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जर्मन चुनाव

इंडोनेशिया में कट्टरपंथी नेता बशीर गिरफ्तार

आतंकवादी संगठन जमाह इस्लामिया से जुड़े धार्मिक नेता अबू बकर बशीर को इंडोनेशिया पुलिस की आतंकवाद निरोधी सेल ने गिरफ्तार कर लिया. अबू बकर पर लगाए आरोपों की जानकारी नहीं दी गई है.

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बशीर के वकील के मुताबिक उन्हें सोमवार की सुबह जावा ज़िले से सोलो जाते वक्त गिरफ्तार किया गया.72 साल के बशीर पश्चिमी जावा के तासिकमलाया क्षेत्र में भाषण देने के बाद वापस लौट रहे थे.

इंडोनेशियाई पुलिस की गुप्तचर शाखा के प्रमुख इटो सुमार्दी ने कहा है,'बशीर को पक्के सबूतों और कानूनी आधार पर गिरफ्तार किया गया है'. हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि बशीर के खिलाफ कौन से आरोप हैं. सुमार्दी के मुताबिक जांच की लंबी प्रक्रिया के बाद बशीर को गिरफ्तार किया गया. इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप से जुड़ी सिडनी जोंस कहती हैं, "ये इंडोनेशियाई पुलिस की बड़ी सफलता है. उन्होंने काफी मेहनत करके सबूत जुटाए हैं. बशीर पर आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप चलाने का आरोप है. आचेह में कई आतंकवादी शिविर चल रहे हैं जिनसे बशीर जुड़े हैं. इन कैंपो में कुछ नए हथियारों की भी ट्रेनिंग दी जा रही है." सिडनी जोंस के मुताबिक बशीर के संगठन जमा अनशरुत तौहीद जेएटी के तीन वरिष्ठ अधिकारी पहले ही गिरफ्त में लिए जा चुके हैं.

उधर बशीर का कहना है कि उन्हें अमेरिकी सरकार के आदेश पर गिरफ्तार किया गया है. बाद में जकार्ता के राष्ट्रीय पुलिस मुख्यालय में अबू बकर ने पत्रकारों से कहा, "ये अमेरिका का किया धरा है."

धार्मिक नेता बशीर पहले भी जेल में रह चुके हैं. उन्हें 2006 में जकार्ता की सिपिनांग जेल से 26 महीने की सज़ा काटने के बाद रिहा किया गया. बशीर पर बाली बम धमाकों की साजिश में शामिल होने का भी आरोप लग चुके हैं. 2002 के इन धमाकों में दो सौ से ज्यादा लोगों की जान गई जिनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया जिसमें बशीर को दोषी करार दिया गया था.

बशीर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें इंडोनेशिया में इस्लामी कानूनों की वकालत करने की वजह से निशाना बनाया जाता है. इंडोनेशिया दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला मुल्क है.

बाली में बम धमाकों के एक हफ्ते बाद ही बशीर को गिरफ्तार कर लिया गया. ट्रायल कोर्ट ने माना कि बशीर के जमाह इस्लामिया से जुड़े होने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं. हालांकि इसके बाद भी गैरकानूनी ढंग से विदेश यात्रा करने के जुर्म में 18 महीने के क़ैद की सज़ा सुनाई गई. 2004 में रिहा होने के बाद एक बार फिर उन्हें गिरफ्तार किया गया. इस बार बशीर पर नए आतंक विरोधी कानूनों को तोड़ने का आरोप लगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/ एन रंजन

संपादनः ए जमाल