1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

इंडिया से इंडियाना तक क्रिकेट

भारत यानी इंडिया से मिलते जुलते नाम वाला अमेरिकी प्रांत इंडियाना इन दिनों क्रिकेट का गढ़ बनता जा रहा है. अमेरिका तेजी से क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है.

इंडियाना की राजधानी इंडियानापोलिस यूं तो बास्केटबॉल और कार रेसिंग के लिए जानी जाती है. आम अमेरिकी क्रिकेट के बारे में अंग्रेजी फिल्मों या इंटरनेट के जरिए ही जानता है कि "ऐसा खेल, जो उनके बेसबॉल से मिलता जुलता" है.

लेकिन इंडियानापोलिस अपने एक पार्क में क्रिकेट की अत्याधुनिक पिच तैयार करा रहा है और इस काम के लिए 60 लाख डॉलर खर्च किए जा रहे हैं. यहां फुटबॉल, रग्बी, हर्लिंग और दूसरे खेलों की भी सुविधा होगी.

क्रिकेट से फायदा

मेयर ग्रेग बैलार्ड को लगता है कि उनके वर्ल्ड स्पोर्ट्स पार्क प्रोजेक्ट को खासी कामयाबी मिलेगी और इसकी वजह से दुनिया भर का ध्यान इंडियानापोलिस की तरफ खिंचेगा, "मुझे नहीं लगता कि कोई भी शहर ऐसा है, जहां सभी खेलों को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है. पहली बार किसी चीज को करने का फायदा मिलता है और अगर सही किया जाए, तो बेहतर है. ये वैश्विक खेल हैं और दुनियावी स्तर पर हमें ज्यादा पहचान मिल सकती है."

पूरा अमेरिका आर्थिक विकास के रास्ते खोज रहा है और खेल एक बेहतर जरिया दिख रहा है. बास्केटबॉल का एनबीए, एनएफएल और बेसबॉल के प्रमुख लीग से करोड़ों अरबों का कारोबार होता है.

क्या करेंगे अमेरिकी

लेकिन क्या अमेरिकी ऐसे खेल में पैसा लगाएंगे, जिसके बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी ही न हो. सैन फ्रांसिस्को में बेकर स्ट्रीट एडवर्टाइजिंग के बॉब डॉर्फमैन का कहना है कि यह एक जुआ है, "आप उन लोगों को कैसे बेचोगे, जो इसके बारे में जानते ही नहीं. मेरे लिए तो क्रिकेट एक रहस्य है. इसे समझने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है."

हालांकि यह बात हमेशा सही नहीं होती. ब्रिटेन के लोगों ने सत्रहवीं सदी में अपने अमेरिकी उपनिवेशों में क्रिकेट की शुरुआत की जब तक बेसबॉल की शुरुआत नहीं हुई, तब तक लोगों में क्रिकेट को लेकर बहुत रुचि थी. लेकिन गृह युद्ध के बाद लोगों ने बेसबॉल को क्रिकेट पर तरजीह दी.

अगले साल से खेल

हालांकि बैलार्ड को इन बातों से फर्क नहीं पड़ता. इंडियानापोलिस ने पहले ही लगातार तीन साल तक गैरपेशेवर क्रिकेट टूर्नामेंट कराने का करार कर लिया है, जो अगले साल शुरू हो रहा है. 2011 के बाद अमेरिका में यह पहला बड़ा खेल आयोजन होगा.

बैलार्ड का कहना है, "जब दुनिया भर के लोग क्रिकेट के बारे में बात करें, तो मैं चाहता हूं कि वे इंडियानापोलिस के बारे में सोचें." हालांकि उनके जज्बात कितने असरदार होंगे, यह देखना अभी बाकी है. बैलार्ड रिपब्लिकन पार्टी के हैं और डेमोक्रैटों ने क्रिकेट के खेल से पहले सियासत का खेल शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि शहर पर 5 करोड़ का बजट घाटा है और वह स्पोर्ट्स पार्क पर काम कर रहे हैं. प्रोजेक्ट का पैसा शहर के ढांचागत विकास के लिए रखी गई रकम से ली जा रही है.

डेमोक्रैटिक पार्टी के काउंसिल सदस्य विलियम ओलिवर कहते हैं, "अगर आपके पास बहुत से पैसे हों, तो आप जो चाहे कर सकते हैं लेकिन हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं."

क्रिकेट के शौकीन

हालांकि क्रिकेट को पसंद करने वालों को लगता है कि बैलार्ड की सोच सही है. अमेरिकी क्रिकेट के प्रमुख डैरेन बीजली का कहना है कि अमेरिका में 50 क्रिकेट लीग और 1,108 टीमें हैं, जिनमें लगभग 30,000 अमेरिकी खेलते हैं. ज्यादातर खिलाड़ी ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेशों के रहने वाले हैं. उनके मुताबिक फुटबॉल के बाद "क्रिकेट दुनिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय खेल" है.

बीजली का कहना है कि आने वाले पांच साल में क्रिकेट का रुतबा अमेरिका में दोगुना बढ़ सकता है, "हम चाहते हैं कि आम अमेरिकी बच्चा कहे कि यह एक अच्छा और सुरक्षित खेल है. वह इसे प्यार करता है और चाहता है कि उसके दोस्त भी इसे खेलें."

बच्चों में लोकप्रिय

इंडियाना यूथ क्रिकेट के अध्यक्ष जतिन पटेल का कहना है कि यहां के 240 स्कूलों के बच्चों को यह खेल दिखाया गया है और वे इसके प्रसार की लगातार कोशिश कर रहे हैं. पटेल 1986 में भारत से अमेरिका आए और उनका कहना है कि अब वहां क्रिकेट के कोचों की भी ट्रेनिंग चल रही है. वहां 80 सर्टिफाइड क्रिकेट कोच हैं, "उन्हें यह खेल सीखने की जरूरत है. एक बार वे गली मुहल्लों, या पड़ोस या अपने घरों के पिछवाड़े में टीमों को खेलते देखना शुरू कर दें, फिर उन्हें यह अच्छा लगने लगेगा."

इंडियानापोलिस पहला अमेरिकी शहर नहीं, जो क्रिकेट पर ध्यान दे रहा है. फ्लोरिडा के लॉडरहिल ने 50 लाख डॉलर लगा कर क्रिकेट स्टेडियम तैयार किया है. साल 2007 में तैयार यह स्टेडियम अमेरिका का इकलौता क्रिकेट स्टेडियम है.

एजेए/एनआर(एपी)

DW.COM

WWW-Links