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खेल

इंडियन हॉकी फेडरेशन की मान्यता बहाल

विवादास्पद हालातों में मान्यता वापस लेने के दो साल बाद सरकार ने इंडियन हॉकी फेडरेशन (आईएचएफ) की मान्यता बहाल कर दी. आईएचएफ ही संभालेगा देश में हॉकी की दशा और दिशा की जिम्मेदारी. हॉकी इंडिया की मान्यता रद्द कर दी गई है.

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इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन को लिखे एक खत में खेल मंत्रालय ने सूचित किया है कि इंडियन हॉकी फेडरेशन की मान्यता बहाल की जा रही है. साथ ही हॉकी इंडिया की मान्यता रद्द किए जाने की जानकारी भी दे दी गई है. गुरुवार को हॉकी इंडिया के विवादास्पद चुनावों में विद्या स्टोक्स को अध्यक्ष चुना गया लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर उसकी मान्यता वापस ले ली गई.

खेल मंत्रालय के खत में लिखा गया है, "सरकार ने हॉकी इंडिया की मान्यता पांच अगस्त के आदेश के अनुसार रद्द कर दी है. इस आदेश की एक प्रति भेजी जा रही है. हॉकी इंडिया नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के रूप में हॉकी पर नियंत्रण, प्रसार और प्रबंधन के लिए मान्य नहीं होगी. अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हॉकी इंडिया के पास टीम के चयन का अधिकार भी नहीं होगा."

सरकार के मुताबिक ताजा घटनाक्रम के बाद इंडियन हॉकी फेडरेशन को भारतीय हॉकी की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. "आपसे निवेदन किया जाता है कि हॉकी इंडिया के साथ किसी भी तरह का व्यवसायिक अनुबंध नहीं किया जाए क्योंकि वह नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन नहीं है. सरकार से उनकी मान्यता खत्म हो चुकी है और अब वह एक निजी संस्था के रूप में काम करेगी."

खेल मंत्रालय का कहना है कि इंडियन हॉकी फेडरेशन भारतीय महिला हॉकी फेडरेशन के साथ एकीकरण की प्रक्रिया में है और उसके बाद ही वह अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन से सदस्यता के लिए आवेदन करेगा. भारत में महिला और पुरुष हॉकी फेडरेशन के एकीकरण की प्रक्रिया जल्द खत्म हो जाने की उम्मीद है. सरकार इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: महेश झा