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खेल

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टाइटल की टक्कर

वेस्ट इंडीज़ में ट्वेंटी20 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में आज ऑस्ट्रेलिया का मुक़ाबला इंग्लैंड से है. इंग्लैंड पहली बार किसी वर्ल्ड टाइटल को जीतने के लिए बेक़रार है तो ऑस्ट्रेलिया ट्वेंटी20 में भी अपना सिक्का जमाना चाहेगा.

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फ़िलहाल ऑस्ट्रेलिया 50-50 ओवर वर्ल्ड कप का चैंपियन है साथ ही चैंपियंस ट्रॉफ़ी भी वह अपने नाम कर चुका है. ऐसे में ट्वेंटी20 वर्ल्ड कप जीत कर उसकी हसरत होगी तीनों वर्ल्ड टाइटल पर अपनी मुहर लगाना. लेकिन उसकी बादशाहत को चुनौती दे रही होगी इंग्लैंड की टीम जो पिछले 35 सालों से वर्ल्ड चैंपियन होने का इंतज़ार कर रही है.

बारबेडोस में खेले जाने वाले फ़ाइनल का मज़ा इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इसमें दो चिरप्रतिद्वंद्वियों की भिंडत हो रही है. इस वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने अपना दबदबा बनाए रखा है और पाकिस्तान को सेमीफ़ाइनल में जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया ने परास्त किया उससे मज़बूत इरादों की झलक मिलती है. लेकिन इंग्लैंड की टीम ने भी अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया है और अपने लक्ष्य के प्रति खिलाड़ी समर्पित नज़र आए हैं.

हालांकि इंग्लैंड के कप्तान पॉल कॉलिंगवुड ने चेताया है कि अगर इस बार भी उन्हें जीत हासिल नहीं होती तो टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन फिर ज़्यादा मायने नहीं रखेगा. "हमने अभी तक कुछ नहीं जीता है. असल बात यही है. हम फ़ाइनल में पहुंचे ज़रूर हैं लेकिन उसका तब तक कोई अर्थ नहीं है जब तक हम उसे जीत न लें. जब तक हम ऐसा नहीं करते तब तक हमारे पांव ज़मीन पर ही हैं." कॉलिंगवुड ने संकेत दिया है कि श्रीलंका को हराने वाली टीम में वह कोई बदलाव नहीं करेंगे.

ट्वेंटी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की ओर से पारी की शुरुआत युवा ओपनर क्रेग कीज़वॉटर और माइकल लुम्ब ने की है और दोनों का प्रदर्शन अच्छा रहा है. शॉन टेट और डर्क नानेस जैसे पेसरों की मौजूदगी के बावजूद कॉलिंगवुड ने कहा है कि वह नहीं चाहेंगे कि उनके ओपनर अपने खेल में बदलाव लाएं. "हर टीम के ख़िलाफ़ हमारे पास एक रणनीति है और हम इस टूर्नामेंट में काफ़ी आक्रामक रहे हैं. फ़ाइनल में हम अपने रुख़ में बदलाव नहीं लाना चाहेंगे."

ऑस्ट्रेलिया इस वर्ल्ड कप में सबसे मज़बूत टीम दिखाई दी है. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में हालांकि ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक़ नहीं रहा और माइकल हसी को 24 गेंदों में 60 रन बना कर मैच बचाना पड़ा था. लेकिन माइकल क्लार्क के नेतृत्व वाली टीम को ही फ़ाइनल में फ़ेवरेट माना जा रहा है. क्लार्क का मानना है कि ट्वेंटी20 जैसे छोटे फ़ॉर्मेट वाले गेम में पिछला प्रदर्शन मायने नहीं रखता.

"लोगों ने सोचा की शुक्रवार को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच में हम ही जीतेंगे लेकिन हम हारते हारते बचे. सच्चाई यह है कि फ़ाइनल में दो बेहतरीन टीमों की टक्कर होने जा रही है और दोनों टीमों ने वर्ल्ड कप ट्वेंटी20 में शानदार खेल दिखाया है." क्लार्क के मुताबिक़ ट्वेंटी20 में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लंबा सफ़र तय किया है लेकिन वह फ़ाइनल में सिर्फ़ पहुंचना नहीं बल्कि उसे जीतना चाहेंगे.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: महेश झा

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