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जर्मन चुनाव

आरुषि केस बंद करने पर फैसला आज

आरुषि के हत्यारे को पकड़ने की कोशिशें जारी रहेंगी या नहीं, इसका फैसला आज होना है. सीबीआई ने अदालत से कहा है कि वह इस केस की जांच बंद करना चाहती है. सीबीआई की इस 'इच्छा' पर गाजियाबाद की एक अदालत शुक्रवार को फैसला सुनाएगी.

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सीबीआई ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट यानी जांच बंद करने की वजहों पर एक रिपोर्ट दायर कर दी है. पिछली सुनवाई में 3 जनवरी को अदालत ने जांच अधिकारी से कहा था कि वह अपनी केस डायरी लेकर आएं. अदालत इस डायरी का मुआयना करना चाहती है. इस बीच सीबीआई की मामले को बंद करने की अपील पर सुनवाई कर रही विशेष जज प्रीति सिंह ने आरुषि के माता पिता की उस अपील को भी खारिज कर दिया, जिसमें जांच बंद करने का विरोध किया गया था.

आरुषि-हेमराज कत्ल की जांच पिछले ढाई साल से चल रही है. 15 मई 2008 को नोएडा में रहने वाले तलवार दंपती की 14 साल की बेटी आरुषि और उनके घरेलू नौकर हेमराज की हत्या कर दी गई. दोनों के शव घर में ही बरामद हुए. आरुषि का शव उसके कमरे में मिला जबकि हेमराज का शव एक दिन बाद घर की छत पर बरामद हुआ.

ढाई साल की जांच के बाद सीबीआई को लगता है कि वह कातिल तक नहीं पहुंच पा रही है. हालांकि अपनी क्लोजर रिपोर्ट में जांच एजेंसी ने आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार पर शक जाहिर किया है. 29 दिसंबर को फाइल की गई अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने कहा कि उसे तीन घरेलू नौकरों राज कुमार, कृष्णा और विजय मंडल पर शक नहीं है. जांच एजेंसी को डॉक्टर राजेश तलवार पर ही संदेह है लेकिन उसके पास आरोप दायर करने लायक सबूत नहीं हैं.

डॉक्टर राजेश तलवार और उनकी पत्नी डॉक्टर नुपूर तलवार ने अदालत से अपील की थी कि उनकी बेटी को कातिल को पकड़ा जाना चाहिए. जज ने तलवार दंपती की अपील को पढ़ने के बाद कहा कि अभी इसकी कोई जरूरत नहीं है और वे सुनवाई के दिन अदालत आएं.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ए जमाल

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