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दुनिया

आया ऊंट पहाड़ के नीचे

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की पुलिस को चुगली कर कुख्यात होने वाला जर्मन नागरिक अब स्वयं इस पचड़े में पड़ गया है, लेकिन वह स्थिति को स्वीकार करने के बदले अदालत में लड़ रहा है.

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यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को फाइन देना पड़ता है, लेकिन अक्सर गलती को देखने के लिए पुलिस नहीं होती. ऐसे में जर्मन यातायात पुलिस की मदद करने के लिए एक शख्स सामने आया, जिसका मानना था कि नियम के हर उल्लंघन के लिए सजा मिलनी चाहिए.

हॉर्स्ट वैर्नर एन. जहां भी यातायात के नियमों में उल्लंघन देखता या किसी को गलत पार्किंग करते देखता, पुलिस से शिकायत कर देता.

पूर्वी जर्मन ज़िले ओस्टरओडे के यातायात विभाग के प्रमुख एकहार्ड बुइंडगे का कहना है कि 2004 से जिले में 15 हजार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. अपनी शिकायतों के कारण उसका नाम पर्ची वाले हॉर्स्ट के नाम से कुख्यात हो गया है.

2008 तक लोग पेंशनयाफ्ता हॉर्स्ट को पागल समझते थे, जिसे नजरअंदाज करना ही अच्छा था, लेकिन जब उसने इमरजेंसी सर्विस में किसी को बचाने आए हेलिकॉप्टर के कर्मीदल के खिलाफ़ पार्किंग में बाधा डालने की शिकायत की तब उसकी बड़ी बदनामी हुई.

चिकित्सा कर्मी एक हार्ट अटैक का शिकार हुए एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाने हेलिकॉप्टर से आए थे. उसके बाद लोग रास्ते पर हॉर्स्ट को गालियां जदेने लगे. उसने बाद में धमकी भरी चिट्ठियां मिलने की भी शिकायत की. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उसकी अधिकांश शिकायतें सही थीं, भले ही प्रभावित लोगों को उससे नुकसान पहुंचा हो.

अब हॉर्स्ट खुद फाइन वाली पर्ची का शिकार हो गया है. इस साल मार्च महीने में वह पोएल्डे के इलाके में उस जगह पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा रहा था जहां अधिकतम 50 किलोमीटर प्रति घंटे की अनुमति थी. उसे 10 यूरो का जुर्माना हुआ. लेकिन हॉर्स्ट हॉर्स्ट ही क्या यदि वह इस पर्ची के खिलाफ कोर्ट में न जाता. 10 यूरो के जुर्माने और साढ़े 23 यूरो के प्रशासनिक फीस की पर्ची के खिलाफ हॉर्स्ट ने अदालत में अपील की.

हैर्त्सबर्ग की अदालत में हॉर्स्ट के वकील ने उसे जुर्माने से बचाने के लिए हर कानूनी दांव पेंच का इस्तेमाल किया. रडार द्वारा ली गई तस्वीर को सबूत न मानने के आवेदन से लेकर जज को पूर्वाग्रह वाला बताने तक. लेकिन जज ने एक न सुनी और मुकदमा शुरू होने के ढाई घंटे बाद यातायात नियमों को तोड़ने वालों के स्वघोषित शिकारी के खिलाफ फैसला सुना दिया. जज ने हॉर्स्ट को असावधानी से तेज गाड़ी चलाने का दोषी पाया और दस यूरो तथा प्रशासनिक शुल्क देने की सजा सुना दी.

मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है. हॉर्स्ट अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है. यह साफ नहीं है कि वह अपील करेगा या नहीं. जिन लोगों की शिकायतें हॉर्स्ट ने पिछले सालों में की है, वे जरूर खुश होंगे कि दूसरों से नियमों के कठोर पालन की मांग करने वाला हॉर्स्ट अब खुद फंस गया है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: आभा एम