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मनोरंजन

"आमिर खान के साथ धोबी घाट करना मुश्किल रहा"

आमिर खान की पत्नी और फिल्म धोबी घाट की निर्देशक किरण राव का कहना है कि वह आमिर खान को फिल्म में नहीं लेना चाहती थीं और उनके विशाल कद की वजह से उनके साथ काम करना बहुत मुश्किल था. लेकिन एक नए समीकरण ने उनकी राह आसान कर दी.

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इस फिल्म के प्रोड्यूसर आमिर खान हैं और उन्होंने इसमें एक पेंटर की भूमिका भी अदा की है. उनका किरदार फिल्म के चार सबसे अहम किरदारों में शामिल है. उनके अलावा नए अदाकार मोनिका डोगरा, प्रतीक और क्रीति मल्होत्रा ने फिल्म में काम किया है.

किरण राव का कहना है, "हमें काम करने के लिए नए समीकरण की तलाश करनी थी और इसे पाने में हमें कुछ वक्त लगा. यह मेरी नई फिल्म है. मैंने पहले कभी निर्देशन नहीं किया है. दूसरों के साथ बात अलग थी क्योंकि हम सभी सीख रहे थे लेकिन आमिर के साथ बात बिलकुल अलग था क्योंकि वह एक विशाल शख्सियत हैं. मुझे यह भी समझना था कि चूंकि वह मेरे पति हैं इसलिए ऐसा नहीं है कि जे मैं चाहूं, वह वैसा करेंगे. और मुझे उनके साथ भी दूसरों की तरह ही बर्ताव करना था."

Kiran Rao Frau des indischen Filmdirektors Aamir Khan

आमिर खान की पत्नी किरण राव

राव का कहना है कि उन्हें अब वैसी ही खुशी हो रही है, जैसे किसी मां को होती है. उन्हें इंतजार है तो सिर्फ इस बात का कि अब दर्शक इस फिल्म को पसंद करते हैं या नहीं. फिल्म का ज्यादातर हिस्सा उन्हीं जगहों पर फिल्माया गया है, जो फिल्म की कहानी कहती है. हालांकि आमिर की वजह से कई बार दिक्कत होती थी क्योंकि बड़ी संख्या में फैन जमा हो जाया करते लेकिन किरण राव का कहना है कि उन्होंने पहले से योजना बना रखी थी और इसका भी हल निकाल लिया.

उन्होंने कहा, "मुझे ध्यान है कि एक इमारत में आमिर खान आधी रात को आते थे. वह तीन हफ्ते तक वहां रहे लेकिन किसी को पता नहीं चला." धोबी घाट का पिछले साल कनाडा में प्रीमियर किया गया लेकिन किरण राव का कहना है कि उनकी फिल्म लोकप्रिय सिनेमा नहीं है. हालांकि उनका कहना है कि भारतीय फिल्म में इससे नए अध्याय की शुरुआत होगी. छोटे बजट की यह फिल्म इसी हफ्ते 21 जनवरी को रिलीज हो रही है.

फिल्म में ऐसे लोगों की कहानी है, जो कमाई के उद्देश्य से मुंबई पहुंचते हैं. किरण राव ने बताया कि शूटिंग की जगहों की तलाश करने में सात महीने का वक्त लगा. किरण ने इससे पहले लगान, मॉनसून वेडिंग, साथिया और स्वदेस में असिस्टेंट निर्देशन किया है.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः ईशा भाटिया

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