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जर्मन चुनाव

आपस में जुड़े हैं जर्मन और तुर्कः वुल्फ

जर्मनी के राष्ट्रपति क्रिस्टियान वुल्फ ने तुर्क और जर्मन लोगों से अपील की है कि वे एक दूसरे को नजदीकी तौर पर जुड़ा हुआ समझें. जर्मनी में मुसलिम आबादी को समाज का हिस्सा बनाने पर बहस के बीच वुल्फ तुर्की के दौरे पर.

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वुल्फ और गुल

राष्ट्रपति वुल्फ ने तुर्क और जर्मन समुदाय के लोगों को पुराना दोस्त बताया है. मंगलवार को तुर्की की राजधानी अंकारा में राष्ट्रपति अब्दुल्ला गुल के साथ मुलाकात के बाद वुल्फ ने कहा, "हमें जोड़ने वाली चीजों की संख्या उन चीजों से कहीं ज्यादा है जो हमें अलग करती हैं. अक्सर हम अलग करने वाले मुद्दों पर लडते रहते हैं."

जर्मनी की आठ करोड़ की आबादी में पच्चीस लाख आबादी तुर्क मूल के लोगों की है. इसीलिए पिछले दिनों जर्मन एकीकरण की 20वीं वर्षगांठ पर वुल्फ ने खुद को मुसलमानों का भी राष्ट्रपति बताया था. लेकिन उनके इस बयान पर सत्ताधारी सीडीयू सीएसयू के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई. यहीं नहीं, तीन दिन पहले ही जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने भी साफ साफ कहा कि जर्मनी में बहुसंस्कृतिवाद नाकाम हो गया है. उन्होंने जर्मनी में बसने वालों लोगों के जर्मन सीखने पर जोर दिया.

तुर्की के राष्ट्रपति गुल ने भी कहा कि जर्मनी में रहने वाले तुर्कों को जर्मन सीखनी चाहिए. लेकिन वह मानते हैं कि समरसता के इस मुद्दे को राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल करने की बजाय इसका हल तलाशने की कोशिश होनी चाहिए.

उधर वुल्फ ने क्षेत्रीय मामलों में तुर्की की बढ़ती भूमिका को भी सराहा और यूरोपीय संघ में तुर्की के प्रवेश पर कहा कि जर्मनी इस बारे में बातचीत जारी रखने के हक में है, लेकिन कोई गारंटी नहीं दी जा सकती. वैसे जर्मन चांसलर मैर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोजी कह चुके हैं कि तुर्की के लिए यूरोपीय संघ में कोई जगह नहीं है. हां, उसके साथ विशेष साझेदारी कायम की जा सकती है. लेकिन तुर्की इस प्रस्ताव को खारिज करता है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः आभा एम

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