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दुनिया

आतंक के खिलाफ पीएम मे की चार सूत्री योजना

तीन महीने में तीसरा हमला. लंदन हमले ने ब्रिटेन को झकझोरा. प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने कहा, "अब बहुत हुआ." आतंकवाद से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने किया चार सूत्री योजना का ऐलान. पुलिस ने की 12 लोगों की गिरफ्तारी.

लंदन ब्रिज पर शनिवार रात 10 बजकर आठ मिनट पर एक सफेद वैन ने पुल पर पैदल चल रहे लोगों को टक्कर मार दी. इससे पहले तीन हमलावरों ने पास के बॉरो मार्केट में बार और रेस्तरां में लोगों पर चाकू और छुरियों से हमला किया था. हमलों में 7 मासूम लोगों की जान गयी और दर्जनों घायल हो गये. पुलिस ने हमलों के सिलसिले में पूर्वी लंदन से 12 लोगों की गिरफ्तारी की है.कुछ ही दिन पहले मैनचेस्टर में भी आतंकी हमला हुआ था जिसमें हमलावर सहित 23 लोग मारे गये थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार लंदन हमले में वैन की रफ्तार करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी. पुलिस इस हमले को आतंकी हमला मानकर चल रही है. फौरन कार्रवाई कर पुलिस ने तीन कथित हमलावरों को गोली मार दी.

पुलिस ने इस बार आम जनता को नई तरह की चेतावनी दी. इस चेतावनी में कहा गया, "भागो, छुपो और पुलिस को बताओ." सोशल मीडिया के जरिये पुलिस ने लोगों को सुरक्षा के लिए ये रणनीति अपनाने की सलाह दी. यह रणनीति पिछले महीने आतंकवाद विरोधी पुलिस द्वारा तय की गयी थी. लेकिन इस रणनीति पर विवाद है. कुछ लोग इसे कमजोरी का संकेत बता रहे हैं. लंदन में लोगों मे हमलावरों से मुकाबला करने की रणनीति अपनायी.

Theresa May London Ansprache (picture alliance/dpa/A.Matthews)

प्रधानमंत्री टेरीजा मे

उधर मैनचेस्टर और लंदन के हमलों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने आतंकवाद के खिलाफ चार सूत्री कार्यक्रम का ऐलान किया और कहा कि इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा के पंथों पर जीत हासिल करनी होगी. उन्होंने कहा कि इस्लामी कट्टरपंथ की दुर्भावनापूर्ण विचारधारा घृणा का प्रचार करती है, झगड़े के बीज बोती है और विभाजनवाद को बढ़ावा देती है. उसका कहना है कि शांति और लोकतंत्र इस्लाम के अनुकूल नहीं हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, "यह विचारधारा के तौर पर इस्लाम और सच्चाई की विकृति है."

प्रधानमंत्री मे ने अपने चार सूत्री कार्यक्रम के सिलसिले में कहा कि दूसरे इंटरनेट को कट्टरपंथियों को पनाह नहीं देना चाहिए. तीसरे असली दुनिया में आतंकवादियों से सुरक्षित जगहें ले ली जानी चाहिए. चौथे ब्रिटेन की आतंकवाद विरोधी रणनीति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री ने शिकायत की, "हमारे देश में कट्टरपंथ के लिए बहुत ज्यादा सहिष्णुता है. हमें उसे सार्वजनिक सेवा और समाज से निकालने के लिए और प्रयास करना चाहिए." सार्वजनिक सेवा से प्रधानमंत्री मे का इशारा संभवतः स्कूलों की ओर था.

एमजे/एके (डीपीए, रॉयटर्स)

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