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दुनिया

आतंकी हमले के बाद शार्ली एब्दॉ का पहला अंक हाथों हाथ बिका

फ्रेंच व्यंग्य पत्रिका शार्ली एब्दॉ का नया अंक आज बाजार में उतरा और आते ही बिक गया. पत्रिका के मुखपृष्ठ पर पैगंबर मुहम्मद का एक नया कार्टून छापने वाली पत्रिका की भारी मांग को देखते हुए इसकी कई लाख प्रतियां और छपेंगी.

आतंकियों के हमले का निशाना बने पेरिस के शार्ली एब्दॉ पत्रिका के नए अंक की सभी प्रतियां फ्रांस के बाजार में आने के कुछ ही घंटों में बिक गईं. इस व्यंग्य पत्रिका के मुखपृष्ठ पर पैगंबर मुहम्मद का एक कार्टून छपा है जिसमें वे आंखों में आंसू और हाथों में "जे सुई शार्ली" की तख्ती के साथ दिखाए गए हैं. इस कार्टून का शीर्षक है "सब माफ किया." पत्रिका का नया अंक निकालने के लिए शार्ली एब्दॉ का बचा हुआ स्टाफ लिबरेशन अखबार के दफ्तर में काम कर रहा था. पैगंबर का नया कार्टून बनाने वाले कार्टूनिस्ट रेनाल्ड "लुज" लुजिएर ने बताया कि कवरपेज का स्केच बनाने के बाद वह खुद रो पड़े. लुजिएर ने कहा कि यह कार्टून उनके सभी मारे गए सहकर्मियों की याद में है. उन्होंने कहा, "हमारे मुहम्मद रो रहे हैं. वे उनसे कहीं ज्यादा भले हैं जिनकी बंदूकधारी आराधना करते हैं."

फ्रांस में जगह जगह बुक स्टॉलों के बाहर लोग भोर की ठंड में भी इकट्ठे होने लगे थे. शार्ली एब्दॉ की कुल 7 लाख प्रतियां छपी थीं. भारी मांग को देखते हुए पत्रिका के वितरकों ने तुरंत ही घोषणा कर डाली कि आने वाले दिनों में वे इसकी 50 लाख प्रतियां मुहैया कराएंगे. पहले कुल 30 लाख प्रतियां छापने की योजना थी. इस हमले के पहले आम तौर पर शार्ली एब्दॉ की करीब 60 हजार प्रतियां छपा करती थीं. अब फ्रेंच के अलावा अंग्रेजी, स्पैनिश, इटालियन, अरबी और तुर्की भाषा में भी इसे पढ़ा जा सकेगा. पेरिस के एक बुक स्टैंड से खाली हाथ लौटने वाली 58 वर्षीय डॉक्टर, कैथरीन बोनिफेस ने बताया, "यह अंक एक प्रतीक है जो उनकी दृढ़ता को दिखाती है, और यह भी कि उन्होंने आतंक के सामने घुटने नहीं टेके."

शार्ली एब्दॉ के हमलावरों को सीरिया और इराक के इस्लामिक स्टेट गुट से जुड़ा हुआ माना जा रहा था. 14 जनवरी को आतंकी संगठन अल कायदा की यमन शाखा ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए एक वीडियो भी जारी किया है. बताया जा रहा है कि हमले में शामिल दोनों भाईयों सईद और शरीफ कोआची ने इसी समूह के साथ ट्रेनिंग ली थी. विश्व भर में कई प्रमुख मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने पैगंबर मुहम्मद के नए कार्टून की आलोचना की है. मिस्र की सरकारी इस्लामी संस्था, दर अल-इफ्ता ने कहा है कि नए अंक से "फ्रेंच और पश्चिमी समाज में घृणा की नई लहर पैदा होगी."

वहीं दूसरी ओर, फ्रेंच मुस्लिम नेताओं ने काफी नपी तुली प्रतिक्रिया देकर मामले पर तनाव को कम करने की कोशिश की है. शार्ली एब्दॉ पर हमले के बाद से ही पूरी दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर व्यापक बहस छिड़ी है. जर्मनी के राष्ट्रपति योआखिम गाउक ने जर्मनी के मुसलमान समुदाय को संबोधित करते हुए कहा है कि "हम सब जर्मनी हैं." 13 जनवरी को पेरिस हमलों के विरोध में आयोजित एक बड़ी रैली में हिस्सा लेते हुए उन्होंने यह बात कही. इस रैली में 10,000 से भी ज्यादा लोगों ने भाग लिया जो इस्लामोफोबिया यानि इस्लाम से नफरत करने वालों के खिलाफ भी एक साफ संदेश देने के लिए आयोजित की गई थी.

आरआर/एमजे (एएफपी)

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