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जर्मन चुनाव

आतंकवाद से मामले हल नहीं होतेः जर्मनी

जर्मनी ने पाकिस्तान की तरफ इशारा करते हुए कहा है कि आतंकवाद से किसी मुद्दे का हल नहीं हो सकता. चांसलर अंगेला मैर्केल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने के बाद कहा कि आतंकवाद से निपटने में भारत का साथ देने को तैयार है.

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भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की छोटी सी जर्मन यात्रा के दौरान बर्लिन में दोनों पक्षों में कारोबार से लेकर आतंकवाद और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता तक पर बातचीत हुई.

इसके बाद संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में जर्मन चांसलर मैर्केल ने कहा, “हमने 26/11 के हमलों की कड़ी निंदा की है और भारत को हर मदद देने को तैयार है ताकि दोबारा ऐसे हमले न हों और इस सिलसिले में पड़ोसी पाकिस्तान से भी बात करते हैं, आतंकवाद को विश्व की समस्या का समाधान नहीं होना चाहिए.”

हाल ही में जर्मनी पर पाकिस्तान स्थित लश्कर ए तैयबा की तरफ से आतंकवादी हमले का खतरा बढ़ा है और दिन तारीख के साथ हमले की योजना की साजिश का पता चला है. इसके बाद जर्मनी में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है. चांसलर मैर्केल ने कहा, “आतंकवाद से दुनिया की किसी समस्या का हल नहीं हो सकता है और हम ऐसे किसी कदम को हर्गिज स्वीकार नहीं करेंगे.”

Pakistan Ministerpräsident Yousaf Raza Gilani

पाकिस्तान को संदेश

भारत और जर्मनी दोनों जनवरी से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य बन रहे हैं. प्रधानमंत्री सिंह और चांसलर मैर्केल की बातचीत में संयुक्त राष्ट्र में सुधारों पर भी चर्चा हुई. भारतीय प्रधानमंत्री ने बताया, “हम जर्मनी के साथ द्विपक्षीय और जी-4 (भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील) में मिल कर काम करेंगे ताकि सुरक्षा परिषद के प्रभाव को बढ़ाया जा सके. हम संयुक्त राष्ट्र में सुधारों पर सहयोग करेंगे और सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या में विस्तार का समर्थन करेंगे.”

भारत और जर्मनी दोनों संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट चाहते हैं और हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दिल्ली दौरे में भारत की इस मांग का समर्थन किया है.

भारत और जर्मनी के बीच जलवायु परिवर्तन पर भी बातचीत हुई और चांसलर मैर्केल ने कानकुन जलवायु बैठक में भारतीय रुख की तारीफ की. कानकुन में अपेक्षाकृत अच्छी सफलता मिलने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, “जलवायु परिवर्तन पर कानकुन बैठक में जो सफलता मिली है, पूरे विश्व को उस पर आगे बढ़ना चाहिए. भारत इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र के मापदंडों पर अपनी भूमिका निभाने को तैयार है.”

अचानक तय हुए दौरे पर सिर्फ आठ घंटे के लिए जर्मन राजधानी बर्लिन पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री ने जर्मनी के राष्ट्रपति क्रिस्टियान वुल्फ से भी मुलाकात की. शनिवार देर रात मनमोहन सिंह भारत के लिए रवाना हो गए.

रिपोर्टः अनवर जे अशरफ, बर्लिन

संपादनः महेश झा

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