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दुनिया

आतंकवादी ग्राहक खोजते परमाणु तस्कर

25 लाख यूरो में पूर्वी यूरोप के कुछ तस्कर परमाणु बम बनाने के लिए जरूरी तकनीक और सामान बेच रहे हैं. तस्कर इस्लामिक स्टेट और अरब के दूसरे आतंकवादी संगठनों से संपर्क करना चाह रहे हैं.

पूर्वी यूरोपीय देश मोल्डोवा की राजधानी किसिनाऊ के एक हाई फाई नाइट क्लब में हथियारों के तस्करों ने अपने ग्राहकों से मुलाकात की. तस्करों ने वादा किया कि वे रेडियोएक्टिव तत्व सिजियम की सप्लाई कर सकते हैं. इसके बदले उन्होंने 25 लाख यूरो मांगे.

एक महंगे डांस बार में हो रही इस बातचीत के दौरान एक तस्कर ने कहा, "आप डर्टी बम बना सकते हैं जो इस्लामिक स्टेट के लिए एकदम ठीक रहेगा. अगर आपका उनसे संपर्क है तो कारोबार बड़े आराम से चलेगा."

शुरुआत में तस्कर वेलेटिन ग्रोसु, ग्राहक पर बहुत ज्यादा भरोसा नहीं कर रहा था. ग्रोसु घबराया हुआ था, उसे पता नहीं था कि ग्राहक असली है या नकली. ग्राहक असल में एक अंडरकवर जासूस था. 20 मुलाकातों के बाद जासूस ने तस्कर को इस बात का झांसा दे दिया कि वह इस्लामिक स्टेट का प्रतिनिधि है. स्टिंग ऑपरेशन के तहत ग्रोसु को पैसा भी दिया गया. निर्धारित समय पर ग्रोसु से मुलाकात हुई और वह रंगे हाथ दबोचा गया.

बीते पांच साल में सामने आया यह चौथा मामला है जब संदिग्ध रूसी गिरोह ने मोल्डोवा के चरमपंथियों के जरिए रेडियोएक्टिव पदार्थ बेचने की कोशिश की है. समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक यह पहली बार पता चला है कि तस्कर मध्य पूर्व के एक असली खरीदार को परमाणु बम बनाने के लिए जरूरी यूरेनियम बेचने की कोशिश कर चुके हैं.

स्टिंग ऑपरेशन के टेप और इंटरव्यू सुनने के बाद पता चला कि अमेरिका से नफरत करने वाले कुछ गिरोह कैसे मध्य पूर्व तक परमाणु बम की तकनीक और उसके लिए जरूरी माल पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. एपी के पास बम बनाने के जरूरी सामान और दस्तावेजों की तस्वीरें और वीडियो हैं. मोल्डोवा के जांच अधिकारी कोंस्टाटिन मालिच के मुताबिक, "एक तस्कर ने कहा, मैं एक इस्लामी खरीदार चाहता हूं क्योंकि वह अमेरिका पर बम मारेगा."

स्टिंग ऑपरेशन अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई और मोल्डोवा के जांचकर्ताओं ने किया. जांचकर्ताओं के हाथ काफी कुछ लगा लेकिन गिरोह का सरगना भाग निकला. कई तस्कर सलाखों के पीछे हैं. लेकिन जांच अधिकारियों की चिंता चारदीवारी के बाहर है. जांचकर्ताओं के मुताबिक अगर तस्कर रेडियोधर्मी पदार्थ बेचना चाहते हैं तो इसका मतलब है कि इन तत्वों तक उनकी पहुंच बनी हुई है. मालिच के मुताबिक, "हम ऐसे और मामलों की उम्मीद कर सकते हैं. जब तक तस्करों को यह लगता है कि वे बिना गिरफ्त में आए बहुत पैसा कमा सकते हैं, तब तक यह जारी रहेगा."

अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय और एफबीआई ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया है. अमेरिकी परमाणु अप्रसार विभाग से जुड़े अधिकारी एरिक लुंड ने सिर्फ इतना ही कहा, "परमाणु तस्करों की कोशिशों से निपटने के लिए मोल्डोवा कई जरूरी कदम उठा रहा है."

रूस और अमेरिका के बीच तनातनी के चलते भी तस्करों को दबोचना मुश्किल हो रहा है. सीरिया के मुद्दे पर अमेरिका और रूस एक दूसरे से अलग राय रखते हैं. रूस साढ़े चार साल से चल रहे सीरियाई संघर्ष में सैन्य रूप से दाखिल हो चुका है. वह जगह जगह सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोधियों पर हमले कर रहा है.

सीरिया और इराक के बड़े हिस्से में कब्जा कर चुके इस्लामिक स्टेट को अब अमेरिका, रूस और बाकी देश भी उभरते खतरे के तौर पर देखने लगे हैं. आईएस तस्करी और दूसरे तरीकों से पैसा जुटाते हुए अपनी ताकत लगातार बढ़ा रहा है.

ओएसजे/आईबी (एपी)

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