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जर्मन चुनाव

आज दोधारी तलवार पर अमेरिका

अमेरिका आज कुछ ऐसा कर सकता है जिससे दुनिया को यह साफ संकेत मिले कि वह अफगानिस्तान युद्ध के अपने साथी पाकिस्तान के पूरी तरह साथ है. हालांकि अमेरिका के सामने भारत के साथ संबंधों में सामंजस्य बनाए रखने की चुनौती भी है.

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अमेरिका आज पाकिस्तान के लिए बड़ी सैन्य मदद का एलान कर सकता है. शुक्रवार को अमेरिका और पाकिस्तान के बीच जारी बातचीत का तीसरा दिन है. इस दिन रणनीतिक बातचीत में विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व करेंगी. यह बातचीत ओबामा प्रशासन की पाकिस्तान को समर्थन देने की कोशिशों का हिस्सा है.

क्लिंटन ने गुरुवार को इस बातचीत में हिस्सा लिया. इस दौरान ऊर्जा जरूरतों से लेकर बाढ़ राहत तक विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई. लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बातचीत में सैन्य सामग्री के बारे में भी बातचीत हुई जो पाकिस्तानी सेना के लिए अहम मुद्दा है और सेना पाकिस्तान में अहम भूमिका निभाती रही है.

अमेरिका ने पिछले साल पाकिस्तान को पांच सालों के भीतर साढ़े सात अरब डॉलर का सहायता पैकेज देने का एलान किया था. यह धन सड़कें, स्कूल और लोकतांत्रिक संस्थान बनाने के नाम पर दिया जा रहा है. शुरुआत में पाकिस्तानी सेना ने इस मदद की बाहरी दखल बताकर आलोचना की थी.

Pakistans Aussenminister Shah Mahmood Qureshi

मार्च महीने में विदेश मंत्री क्लिंटन ने कहा कि अमेरिका इस राहत पैकेज की समीक्षा करेगा. हालांकि शुक्रवार को होने वाले किसी भी एलान का असर अगले महीने राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा को प्रभावित कर सकता है. अमेरिका के लिए यह बातचीत एक दोधारी तलवार पर चलने जैसी है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फिलिप क्राउली ने कहा कि अमेरिका नहीं मानता कि भारत और पाकिस्तान के संबंध उस मुकाम पर हैं जहां एक का फायदा दूसरे का नुकसान है.

क्राउली ने कहा, "हम पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को लेकर प्रतिबद्ध हैं और एक सहयोगी और मित्र के रूप में हम उसकी मदद करेंगे. भारत के साथ भी एक मित्र और सहयोगी के रूप में हमारे संबंध हैं और हम उसकी मदद के लिए भी बातचीत कर रहे हैं."

क्राउली ने कहा कि हमारा हर कदम दुनिया के उस बेहद महत्वपूर्ण हिस्से में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए ही है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ओ सिंह

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