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जर्मन चुनाव

आजाद हो गया इराक?

आज राष्ट्रपति बराक ओबामा इराक़ में अमेरिका की लंबी और विभाजनकारी लड़ाका कार्रवाइयों की आधिकारिक समाप्ति की घोषणा करने जा रहे हैं. वह अमेरिकी जनता को इराक़ में अमेरिकी सेना की नई भूमिका के बारे में बताएंगे.

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वादा तो निभाया

ओबामा अमेरिकी नागरिकों को 2003 के बाद से हासिल की गई अमेरिकी उपलब्धियों की जानकारी देंगे और इराक़ की स्थिरता बनाए रखने की अमेरिका की जारी प्रतिबद्धता पर ज़ोर देंगे. और ज़ाहिर है कि वह अमेरिकी सैनिकों की कुर्बानियों के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त करेंगे.

ओबामा ने इराक़ से सभी अमेरिकी सैनिकों की वापसी के लिए 2011 के अंत तक की कालसीमा तय की है. हालांकि लड़ाका सैनिक आज 31 अगस्त, 2010 की कालसीमा तक देश लौट चुके हैं, इराक़ में 50,000 अमेरिकी सैनिक इराक़ी सेना की सलाह्कार भूमिका में वहां बने रहेंगे, और आतंकरोधी कार्रवाइयां और अमेरिकी ग़ैरसैनिकों और राजनयिकों की रक्षा का काम भी अंजाम देंगे.

ओबामा इराक़ युद्ध की शुरू से ही आलोचना करते रहे थे. उन्होंने 2003 के आरंभ में अमेरिकी आक्रमण के समय उसका विरोध किया था और राष्ट्रपति पद के लिए अपने चुनाव अभियान के दौरान वचन दिया था कि वह युद्ध को समाप्त करेंगे.

व्हाइट हाउस आज उठाए जा रहे क़दम को निभाए गए उसी वचन के रूप में प्रस्तुत करने में कोई कसर नहीं उठा रख रहा है. कमान में तब्दीली के एक औपचारिक समारोह के लिए उपराष्ट्रपति जो बाइडन को बाक़ायदा इराक़ भेजा गया है. और ओबामा के आज के भाषण को इतना महत्व दिया जा रहा है कि वह अपनी टिप्पणी ओवल ऑफ़िस से करेंगे, जहां से उन्होंने अभी तक केवल एक भाषण दिया है.

ओबामा का एक लक्ष्य है इराक़ में सेवा करने वाले सैनिकों का सम्मान करना, जिनमें से कई एक से अधिक ड्यूटी दौरों के लिए इराक़ लौट चुके हैं. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता रॉबर्ट गिब्स ने कहा है कि अगर ओबामा तब कमांडर-इन-चीफ़ रहे होते, तो इराक़ युद्ध कभी होता ही नहीं, लेकिन राष्ट्रपति सैनिकों की सेवाओं और कुर्बानियों का गहरा सम्मान करते हैं, "आप चाहे इस आक्रमण के पक्ष में हों या उसका विरोध करते हों, हमारे सैनिकों ने कमांडर-इन-चीफ़ के आदेशों का पालन किया, और ऐसे हालात तैयार करने के लिए उनकी सराहना और सम्मान किया जाना चाहिए कि अब हमारे लड़ाका सैनिक लौटने की स्थिति में हैं."

गिब्स ने कहा कि ओबामा इस बात को अधिक व्यापक संदर्भ में पेश करने की कोशिश करेंगे कि अमेरिकी सैनिकों के इराक़ से लौटने का अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रयासों, और अफ़ग़ानिस्तान में और अन्य स्थलों पर अल क़ायदा के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए क्या अर्थ होगा.

आज अपने भाषण से पहले ओबामा पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश से बातचीत करेंगे. ओबामा और अनेक लोग हालांकि बुश की इराक़ नीति की आलोचना करते रहे थे, यह स्वीकार किया जाता है कि 2007 में बुश द्वारा 20,000 अतिरिक्त सैनिक इराक़ भेजे जाने के फ़ैसले ने वहां हिंसा कम करने और उस देश में गृहयुद्ध की आशंका को समाप्त करने में सहायता की. प्रवक्ता गिब्स ने आज एक बातचीत में यह कहने से इनकार कर दिया कि ओबामा इस सिलसिले में बुश को इस बात का श्रेय देंगे या नहीं कि पूर्व राष्ट्रपति के क़दम ने युद्ध को समाप्त करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है.

दिन में पहले ओबामा, ऐल पासो, टैक्सस में स्थित फ़ोर्ट ब्लिस सैनिक ठिकाने पर सैनिकों से मुलाक़ात करेंगे. इस सैनिक ठिकाने के दो लाख सैनिक युद्ध के कई महत्वपूर्ण चरणों में इराक़ में तैनात किए जा चुके हैं. युद्ध में ठिकाने के 51 सैनिक मारे गए हैं.

क्या इराक़ में अमेरिकी मिशन समाप्त हो चुका है? ऐसा नहीं माना जाता कि ओबामा इस तरह की कोई घोषणा करेंगे. जैसी 7 वर्ष पहले बुश ने एक विमानवाहक पोत से की थी. जब युद्ध खिंचता चला गया, तो बुश-सरकार को ख़ासी परेशानी का सामना करना पड़ा था. जैसा कि कई विशेषज्ञों का मानना है, इराक़ के साथ एक दीर्घकालिक स्थिरतापूर्ण संबंध क़ायम करने का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है. ऐसे इराक़ का, जो अपनी रक्षा स्वयं कर सके और क्षेत्र में एक स्थिर राष्ट्र के रूप में अपनी भूमिका निभा सके. ज़ाहिर है, ओबामा मिशन पूरा होने की ऐसी कोई घोषणा करने से कतराएंगे.

रिपोर्ट: गुलशन मधुर, वाशिंगटन

संपादन: उभ