आजाद नहीं होगा स्कॉटलैंड | दुनिया | DW | 19.09.2014
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

आजाद नहीं होगा स्कॉटलैंड

स्कॉटलैंड ने जनमत संग्रह में ब्रिटेन में बने रहने का फैसला लिया है. प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि स्कॉटलैंड की आजादी की बहस अब एक पीढ़ी के लिए खत्म हो गयी है.

स्कॉटलैंड को ब्रिटेन में ही बने रहना चाहिए या नहीं, यह फैसला वहां के लोगों को ही लेना था. जनमत संग्रह में उन्हें हां या ना में वोट देना था. 45 फीसदी लोगों ने येस वोट दिया जबकि 55 फीसदी नो वोट के साथ गए. नतीजे आने के बाद राष्ट्रवादी नेता एलेक्स सैलमंड ने कहा, "स्कॉटलैंड की सरकार की ओर से मैं इस नतीजे को स्वीकार करता हूं और रचनात्मक रूप से काम करने की शपथ लेता हूं.

वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस मौके पर अपनी खुशी का इजहार करते हुए कोई झिझक नहीं दिखाई. टीवी पर दिए संदेश में उन्होंने कहा, "ब्रिटेन के लाखों लोगों की तरह आज मैं भी बहुत खुश हूं. चार राष्ट्रों वाला हमारा देश एक साथ रहेगा." कैमरन ने कहा कि "यूनाइटेड किंगडम का अंत" होता देख उन्हें बहुत ठेस पहुंचती. लंबे समय से स्कॉटलैंड के अलग होने की चर्चा चलती आई है. अब इस पर पूर्णविराम लगाते हुए कैमरन ने कहा, "अब यह बहस एक पीढ़ी के लिए खत्म हो गयी है. अब इस पर कोई विवाद, कोई पुनर्विचार नहीं होगा. हमने स्कॉटलैंड के लोगों की मर्जी जान ली है."

जनमत संग्रह में आजादी समर्थकों की हार के बाद प्रधानमंत्री कैमरन ने स्कॉटलैंड को ज्यादा अधिकार देने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए जनवरी तक संविधान संशोधन का मसौदा पेश किया जाएगा. जनमत संग्रह के नतीजे इंगलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के लिए भी अधिक अधिकारों की संभावना देते हैं. ग्रेट ब्रिटेन के सभी हिस्सों को कर और बजट के मुद्दों पर अधिक स्वायत्तता मिलेगी.

स्कॉटलैंड के मतदान के नतीजों के बाद यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों ने भी राहत की सांस ली है. जापान में शेयर बाजार वृद्धि के साथ बंद हुआ तो फ्रैंकफर्ट का शेयर बाजार शुरुआती कारोबार में आधे प्रतिशत की तेजी के साथ शुरू हुआ. उधर यूरोपीय नेताओं ने स्कॉटलैंड के मतदान के नतीजों का स्वागत किया है. यूरोपीय संसद के अध्यक्ष मार्टिन शुल्त्स ने कहा कि वे स्वीकार करते हैं कि नतीजे से उन्हें राहत मिली है. नाटो प्रमुख आंदर्स फो सरासमुसेन ने इस पर खुशी का इजहार किया कि ब्रिटेन संयुक्त देश बना रहेगा.

आईबी/एमजे (एएफपी, डीपीए)

संबंधित सामग्री