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मनोरंजन

आजादी और मानवाधिकारों की लड़ाई

60 साल से डॉयचे वेले निष्पक्ष खबरों की गारंटी दे रहा है. बॉन में 60वीं सालगिरह के मौके पर हुए समारोह के वक्ताओं ने अभिव्यक्ति की आजादी और दुनिया में जर्मनी की छवि के लिए डॉयचे वेले के महत्व पर जोर दिया.

"विचार आजाद हैं," इस पुराने जर्मन लोकगीत के साथ बॉन में डॉयचे वेले की 60वीं जयंती समारोह का उद्घाटन हुआ. इस दिन के लिए इससे अच्छा संगीत शायद ही कुछ और हो सकता था. 17 जून को जर्मनी में 1953 में जीडीआर में हुए जनविद्रोह की याद मनाई जाती है. बुंडेसटाग के पूर्व प्लेनरी हॉल में मेहमानों को संबोधित करते हुए डॉयचे वेले के महानिदेशक एरिक बेटरमन ने कहा, "जीडीआर के लोग आजादी को, अभिव्यक्ति और प्रेस स्वतंत्रता, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए तरस रहे थे."

लोकतंत्र, आजादी और मानवाधिकार, जिन्हें पश्चिमी समाजों का स्तंभ समझा जाता है, वे सभी देशों में कतई स्वाभाविक नहीं हैं. बेटरमन ने समारोह में आए अपने 1500 मेहमानों को संबोधित करते हुए कहा, "इसीलिए डॉयचे वेले 1953 से जर्मन नजरिए और जर्मन अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय, यूरोपीय स्तर पर साझा कर रहा है और हम वहां अपने मुद्दों को उठाते हैं."

Kulturstaatsminister Bernd Neumann würdigt das 60-jährige Bestehen der DW

बैर्न्ड नॉयमन

10 करोड़ यूजर

जर्मनी के संस्कृति और मीडिया राज्यमंत्री बैर्न्ड नॉयमन ने भी जर्मनी की विदेश प्रसारण सेवा के महत्व पर जोर दिया और कहा, "डॉयचे वेले हमारी धरती के बहुत से गैरआजाद इलाकों में सामयिक और सेंसर तथा सरकारी हितों के प्रभाव के बिना स्वतंत्र रूप से राय बनाने के लिए सूचना पाने का पहला जरिया है." उन्होंने कहा कि इस तरह डॉयचे वेले सिर्फ आजादी और मानवाधिकारों जैसे वैश्विक मूल्यों का संवाहक ही नहीं है बल्कि वह शुरू से ही संस्कृतियों के बीच पुल बनाने वाला रहा है.

नॉयमन का कहना है कि आर्थिक करिश्मे का बच्चा अब साठ साल बाद पके बालों वाला हो गया है, एक मीडिया हाउस बेहतरीन उम्र में है. उन्होंने डॉयचे वेले की सुधार क्षमता की सराहना की. 3 मई 1953 को शॉर्ट वेव रेडियो के रूप में शुरू होकर वह आज मल्टी मीडिया हाउस हो गया है. हर रोज करीब 10 करोड़ लोग 30 भाषाओं में उसकी सेवा का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें 60 देशों के 3000 कर्मचारी तैयार करते हैं.

नॉयमन और बेटरमन दोनों ने ही इस पर जोर दिया कि डॉयचे वेले जर्मनी के लिए अपरिहार्य है. लेकिन इसके लिए भरोसेमंद वित्तीय सुरक्षा की जरूरत है. संस्कृति राज्यमंत्री नॉयमन ने शिकायत की कि अतीत में बजट कटौती के समय डॉयचे वेले का दुरुपयोग किया गया है. उन्होंने कहा कि वे हमेशा इस बात का समर्थन करेंगे कि डॉयचे वेले कम से कम स्थिर बजट की उम्मीद कर सकता है.

Der ARD-Vorsitzende Lutz Marmor, Intendant des Norddeutschen Rundfunks beim Festakt 60 Jahre Deutsche zur Eröffnung des Global Media Forum 2013

लुत्स मारमोर

नया समझौता

भरोसेमंद बजट के अलावा नॉयमन ने जर्मनी के सार्वजनिक घरेलू रेडियो और टेलिविजन स्टेशनों के साथ सहयोग को डॉयचे वेले की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी क्षमता की एक और गारंटी बताया. कुछ ही दिन पहले प्रांतीय मुख्यमंत्रियों और चांसलर अंगेला मैर्केल ने इस तरह के सहयोग समझौते पर दस्तखत किए. इस समझौते के अनुसार घरेलू स्टेशन अब डॉयचे वेले को ज्यादा सामग्री उपलब्ध कराएंगे. इसके अलावा वे साथ मिलकर भी रिपोर्ट तैयार कर सकेंगे. नॉयमन ने कहा, "एआरडी, जेडडीएफ और डॉयचलांड राडियो के साथ सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य घरेलू चैनल के स्तरीय कार्यक्रमों का विदेशी प्रसारण के लिए ज्यादा इस्तेमाल करना है."

एआरडी के प्रमुख लुत्स मारमोर ने इस समझौते को दोनों पक्षों के लिए लाभदायक बताया. उन्होंने कहा, "एआरडी सहयोगियों की ओर से मैं आपके हमारे समर्थन का वचन देता हूं." उन्होंने कहा कि इससे बेहतर क्या हो सकता है कि घरेलू चैनलों के बेहतरीन कार्यक्रमों को विदेशी दर्शकों के लिए भी पेश किया जा सके. मारमोर ने कहा, "भविष्य के लिए शुरुआत हो चुकी है, अब जो कागज पर लिखा है, उसे हमें मिलजुलकर जीवंत बनाना होगा."

रिपोर्ट: अलेक्जांडर ड्रेक्सेल/एमजे

संपादन: निखिल रंजन

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