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खेल

"आईपीएल को अलविदा कहें गांगुली"

सौरव गांगुली के कई प्रशंसक और करीबी मानने लगे हैं कि दादा के लिए क्रिकेट की सड़क अब खत्म हो गई है. पूर्व कोच ने सलाह दी है कि गांगुली आईपीएल त्याग दें. देबू मित्रा के मुताबिक गांगुली को बेइज्जत नहीं होना चाहिए.

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कभी सौरव गांगुली को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से बढ़िया बल्लेबाज बताने वाले देबू मित्रा अब अपने शिष्य को आईपीएल का मोह त्यागने की सलाह दे रहे हैं. शनिवार को आईपीएल-4 के लिए नीलामी हुई, जिसमें टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को किसी टीम ने नहीं खरीदा.

इस घटना से देबू मित्रा आहत हैं. राजकोट में मित्रा ने कहा कि गांगुली को अनिल कुंबले की राह पर चलते हुए आईपीएल के पटाखे से दूर हो जाना चाहिए. अपने शिष्य से मित्रा ने कहा, ''एक वक्त ऐसा आ जाता है जब हर किसी को खेल छोड़ना पड़ता है. आत्मसम्मान खोने से ज्यादा अच्छा है कि खिलाड़ी खुद की खेल को विदा कह दे.''

Indian Premier League Südafrika

इन दिनों सौराष्ट्र की टीम को कोचिंग दे रहे 62 साल के मित्रा के मुताबिक गांगुली को दुनिया भारत के एक सफल कप्तान के रूप में याद करती है. बेहतर होगा कि उनका सम्मान इस बात के साथ जुड़ा और बचा रहे. मित्रा ने कहा, ''हम उनसे क्रिकेट को नहीं छीन सकते. इतने बड़े खिलाड़ी के साथ खेल हमेशा जुड़ा रहेगा. लेकिन अब खेल छोड़ने का वक्त आ गया है. इसमें किसी को शक नहीं है कि गांगुली भारत के सबसे सफल कप्तान हैं, उन्होंने भारत का आठ साल तक नेतृत्व किया. इस दौरान टीम ने नई ऊंचाइयां देखीं और उस वक्त आए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आज भी टीम की जान बने हुए हैं.''

38 साल के गांगुली 2000 में टीम इंडिया के कप्तान बने. मैच फिक्सिंग के आरोपों से जूझने वाली टीम में उन्होंने संजीवनी बूटी सी फूंकी. कपिल देव के बाद वही एक मात्र ऐसे कप्तान हैं, जिनके नेतृत्व में भारत वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा. टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया का विजयी रथ रोक दिया. इंग्लैंड में नैटवेस्ट सीरीज जीतकर फ्लिंटॉफ जैसे खिलाड़ी का मानमर्दन किया. भारतीय टीम में हरभजन सिंह, युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाड़ियों को ढेरों मौके गांगुली ने ही दिए.

लेकिन अब उम्र के इस पड़ाव पर उनका क्रिकेट कमजोर पड़ने लगा है. कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक मार दहाड़ते हुए मैदान पर एक अलौकिक नजारा पेश करने वाला ये बंगाल टाइगर अब अपनी मांद भी नहीं बचा पा रहा है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: ए जमाल