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जर्मन चुनाव

आईपीएल के दलदल फंस रही है एनसीपी

आईपीएल विवाद में अब शरद पवार और उनकी पार्टी एनसीपी घिरती दिखाई पड़ रही है. कृषि मंत्री शरद पवार और नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल की भूमिका भी संदेह में हैं. दोनों के परिवारों के ख़िलाफ़ जांच की अहम कड़ियां जुड़ रही हैं.

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आईपीएल विवाद को लेकर भारतीय मीडिया में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की चर्चा हो रही है. शरद पवार के दामाद संदानंद सुले की एक मीडिया कंपनी में हिस्सेदारी है. इसी मीडिया कंपनी को आईपीएल मैच प्रसारित करने के अधिकार मिले.

एनसीपी के दूसरे बड़े नेता प्रफुल्ल पटेल और उनकी बेटी पर भी आरोप लग रहे हैं. केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल की बेटी पूर्णा आईपीएल में हॉस्पिटैलिटी मैनेज़र हैं. आरोपों के मुताबिक कोच्चि टीम की बोली लगने से पहले पूर्णा ने एक संवेदनशील गोपनीय जानकारी प्रफुल्ल पटेल के दफ़्तर में भेजी. इसके बाद यह ईमेल 19 मार्च को प्रफुल्ल पटेल से दफ़्तर से शशि थरूर को भेजा गया.

Minister für zivile Luftfahrt, Praful Patel und Janardan Dwivedi, Indien

प्रफुल्ल पटेल पर शक

ईमेल में इस बात की जानकारी थी कि 2010 और 2011 में आईपीएल का व्यापार कितना रहेगा और इसके फ्रैंचाइजी लोगों की आय कितनी रहेगी. गुप्त सूचनाओं की यह अदला बदली कोच्चि और पुणे टीम की बोली लगने से दो दिन पहले ही इधर उधर हुई.

पटेल इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं. शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले भी आईपीएल विवाद में अपनी भागीदारी से इनकार कर रही है. दूसरी तरफ आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि वह आईपीएल में पैसा लगाने वाले सभी लोगों के नाम सार्वजनिक कर देंगे.

साफ है कि अब शक के घेरे में खेल कराने वाले अधिकारियों के साथ गणमान्य नेता भी आ रहे हैं. एनसीपी का नाम आने के बाद राजनीति भी तेज़ हो गई है. कांग्रेस शरद पवार और एनसीपी से पहले से नाराज़ चल रही है, ऐसे में देखना है कि जांच राजनीतिक हितों को लांघकर जनता के सामने सच्चाई ला पाती है या नहीं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: उज्ज्वल भट्टाचार्य

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