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दुनिया

''आईएसआई ने माना, 26/11 से जुड़े थे तार''

मुंबई हमलों के लगभग दो महीने बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने सीआईए के सामने माना कि हमलों से आईएसआई जुड़ी हुई है. लेकिन इसे कंट्टरपंथी ताकतों ने अजाम दिया. एक किताब में यह दावा किया गया है.

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अमेरिकी खोजी पत्रकार बॉब वुडवार्ड की किताब ओबामाज वार में कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को आईएसआई से भरोसेमंद खुफिया जानकारी मिली कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी मुंबई हमलों के लिए ट्रेनिंग से सीधे तौर पर जुड़ी थी. किताब के मुताबिक उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपने उच्चपदस्थ साथियों से कहा था कि मुंबई के हमले अमेरिका पर हुए 11 सितंबर के हमले जैसे ही हैं.

सोमवार को जारी होने वाली इस किताब में वुडवर्ड लिखते हैं, "जब मुंबई खून और मलबे से लथपथ थी, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टीम को अपने ओवल ऑफिस में बुलाया. बुश ने अपने साथियों से कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई को रोकने के लिए वे जो कुछ कर सकते हैं, करें."

मुंबई हमलों के बाद अमेरिकी सरकार की अंदरूनी गतिविधियों की जानकारी देते हुए वुडवर्ड कहते हैं कि निराश बुश ने अपने साथियों से पूछा कि पाकिस्तान के साथ निपटने का क्या तरीका हो सकता है. वह आतंकवादियों और उनके आकाओं को बख्शने के बिल्कुल खिलाफ थे. अमेरिकी पत्रकार का कहना है, "बुश ने कहा,

Flash-Galerie Anschläge Mumbai Indien 2008

हमलों के बाद छत्रपति शिवाजी टर्मिनस का नजारा

यह 9-11 जैसा ही है. अमेरिकी सेना का पाकिस्तान पर हमला करने का कोई इरादा नहीं था. इसके स्थान पर अमेरिका ने ऐसी योजना बनाई जिसके तहत अमेरिकी खुफिया दस्तावेजों में दर्ज अल कायदा के ठिकानों और ट्रेनिंग कैंपों को निशाना बनाया जाएगा."

वुडवर्ड के मुताबिक मुंबई हमलों के 48 घंटों के भीतर उस वक्त के सीआईए प्रमुख माइक हेडेन ने अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक्कानी से संपर्क किया. तब के बारे में वुडवर्ड ने अपनी किताब में लिखा हैं, "सीआईए के दस्तावेज दिखाते हैं कि आईएसआई का कोई सीधा संबंध नहीं है. ये ऐसे लोग हैं जो अब पाकिस्तान सरकार के कर्मचारी नहीं हैं. बुश ने भारतीयों को इस बात की सूचना दी. उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को फोन किया. बुश ने कहा, मेरी खुफिया जानकारी बताती हैं कि पाकिस्तान की नई सरकार का इससे कोई लेना देना नही हैं."

2008 में क्रिसमस के बाद आईएसआई के प्रमुख अहमद शुजा पाशा अमेरिका गए, जहां उनकी मुलाकात सीआईए के प्रमुख हेडेन से हुई. किताब के मुताबिक पाशा ने माना कि मुंबई हमलों की योजना बनाने वालों में कम से कम दो रिटायर्ड पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी भी शामिल थे. लेकिन ये हमले आईएसआई का आधिकारिक अभियान नहीं था. पाशा के मुताबिक ऐसे कुछ हो सकते हैं जो इन हमलों से भी जुड़े हो और आईएसआई से भी. वुडवार्ड के मुताबिक पाशा ने जो जानकारी दी वह अमेरिकी सरकार की तरफ से तैयार हमलों की तस्वीर में फिट बैठती थी.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः आभा एम

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