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ताना बाना

आईएफएस अधिकारी की गिरफ्तारी 'गंभीर'-कृष्णा

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा का कहना है कि इस्लामाबाद में पदस्थ भारतीय महिला राजनयिक की पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी गंभीर मुद्दा है. कृष्णा ने कहा जांच पूरी होने पर ज़रूरी कार्रवाई.

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बुधवार को विदेश मंत्री ने कहा कि उसकी जासूसी के उद्देश्यों और कारणों के बारे में सरकार पूरी जांच करेगी. कृष्णा ने कहा, "जांच चल रही है और हमें जांच के पूरे होने तक इंतज़ार करना होगा."

भारतीय विदेश सेवा की ऑफिसर माधुरी गुप्ता इस्लामाबाद में भारत के उच्चायोग में काम करती थीं. उन्हें आईएसआई को सूचना देने के आरोप में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था.

भारत के विदेश मंत्री का कहना था कि जो जांच शुरू हुई है, उसे देखा जाए. जब सभी रिपोर्टें मिल जाएंगी तो सरकार की तरफ़ से जो भी कार्रवाई ज़रूरी होगी वह की जाएगी.

यह पूछने पर कि क्या इससे पाकिस्तान में भारत के उच्चायोग पर सवाल खडे होते हैं विदेश मंत्री का कहना था कि इस मामले में अनुमान नहीं लगाना चाहिए और तुरत फुरत फैसले पर नहीं पहुंचना चाहिए.

इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में तैनात 53 साल की आईएफ़एस अधिकारी माधुरी गुप्ता की गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए गृहसचिव जीके पिल्लई ने कहा कि गुप्ता पाकिस्तानी एजेंसियों को सूचनाएं लीक कर रही थीं. सचिव स्तर की बी ग्रेड की यह अधिकारी क़रीब तीन साल से इस्लामाबाद में नियुक्त थी. गुप्ता पर आरोप लग रहे हैं कि वह पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में थीं.

गुप्ता की गिरफ्तारी की पुष्टि मंगलवार को की गई. अधिकारियों का कहना है कि शक होने के बाद आरोपी अफसर पर भारत के ख़ुफ़िया विभाग ने निगरानी रखनी शुरू की. जांच के दौरान यह पता चला कि गुप्ता पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रही हैं.

सूत्रों का कहना है कि गुप्ता को सार्क बैठक की तैयारियों का बहाना देकर दिल्ली बुलाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया. अदालत ने गुप्ता को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. फिलहाल उनसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूछताछ कर रही है.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा मोंढे

संपादनः उभ

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