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जर्मन चुनाव

आईएएस परीक्षा में वैकल्पिक सब्जेक्ट नहीं

भारत सरकार ने देश की सबसे अहम इम्तिहान समझी जाने वाली यूपीएससी प्रशासनिक परीक्षा में से वैकल्पिक विषय हटाने का फैसला लिया है. पहले दौर के टेस्ट में उम्मीदवारों को एक ही विषय की परीक्षा देनी होगी. नए नियम जल्द लागू होंगे.

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सरकार ने उस प्रस्ताव को मान लिया है, जिसके तहत सिविल सर्विस परीक्षा के प्रीलिम्स के नियम बदल दिए जाएंगे. इसके तहत अलग अलग वैकल्पिक विषय यानी ऑपश्नल सब्जेक्ट की जगह हर किसी को एक ही सिविल सर्विस एप्टीट्यूट टेस्ट (सीएसएटी) का इम्तिहान देना होगा.

जन शिकायत और पेंशन मामलों के गृह राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने संसद के अंदर राज्यसभा में बताया, "सरकार ने सिविल सर्विस प्रीलिम्स इम्तिहान की जगह सिविल सर्विस एप्टीट्यूट टेस्ट को लागू करने का प्रस्ताव मान लिया है."

सिविल सर्विस परीक्षा के प्रीलिमनरी इम्तिहान में मौजूदा नियमों के तहत परीक्षार्थियों को 23 वैकल्पिक विषयों में से एक को चुनना होता है. लेकिन अब बदले हुए नियमों के तहत उन्हें वैकल्पिक विषय की जगह एक ही सीएसएटी परीक्षा देनी होगी. चव्हाण ने बताया कि इस विषय का सिलेबस तैयार किया जा रहा है.

उन्होंने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि सरकार इसके सिलेबस के साथ परीक्षा की नई स्कीम की अधिसूचना जल्द जारी करेगी.

भारत में यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा को देश का सबसे अहम टेस्ट समझा जाता है. देश में आईएएस, आईपीएस और विदेश सेवा के सर्वोच्च अधिकारियों का चयन इसी परीक्षा के तहत किया जाता है. लेकिन इसके नियमों को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं.

समझा जाता है कि सरकार ने इसमें पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियम बदलने का फैसला किया है.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः महेश झा