आईआईटी से पढ़े लड़के ने की अमेरिकी प्रोफेसर की हत्या | दुनिया | DW | 03.06.2016
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दुनिया

आईआईटी से पढ़े लड़के ने की अमेरिकी प्रोफेसर की हत्या

यूसीएलए में एक प्रोफेसर की हत्या करने वाले बंदूकधारी की पहचान भारतीय मूल के अमेरिकी मैनक सरकार के रूप में हुई है. कैलिफोर्निया के अपने इस पूर्व प्रोफेसर को मारने से पहले वह अपनी पत्नी की भी हत्या कर चुका था.

मैनक सरकार भारत के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी शिक्षा संस्थान माने जाने वाले आईआईटी से पढ़ा था. 38 साल के सरकार ने पहले मिनेसोटा में अपनी पत्नी एश्ले हस्ती को मारा और फिर कैलिफोर्निया के कॉलेज में प्रोफेसर को. सीबीएस मिनियापोलिस के अनुसार हस्ती से उसकी शादी 2011 में हुई थी. काफी समय से दोनों के अलग-अलग रहने की खबरें हैं लेकिन उनके रिलेशनशिप स्टेटस के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं मिली है.

मारे गए प्रोफेसर विलियम क्लग की उम्र भी केवल 39 साल थी. सरकार ने अपने पूर्व प्रोफेसर पर कई गोलियां चलाईं और फिर खुद को गोली मार ली.

लॉस एंजिलिस पुलिस विभाग के प्रमुख चार्ली बेक का कहना है कि सरकार यूसीएलए के एक और फैकल्टी सदस्य को मारना चाहता था, लेकिन वो उसे मिला नहीं.

सरकार मिनेसोटा में रहता था और उसके घर से पुलिस को गोलियां और एक "किल लिस्ट" मिली है. इस लिस्ट में उसने और भी लोगों के नाम लिख रखे थे जिन्हें वह जान से मारना चाहता था. हत्याकांड की जांच में अमेरिका की केंद्रीय जांच एजेंसी एफबीआई लॉस एंजेलेस पुलिस की मदद कर रही है.

इंटरनेट पर मौजूद एक ब्लॉग पोस्ट में सरकार के नाम से लिखा है कि प्रोफेसर ने उसके बनाए कंप्यूटर कोड को किसी और छात्र को दे दिया था. सरकार ने लिखा, "यूसीएलए प्रोफेसर विलियम क्लग वैसा बिल्कुल नहीं है जैसा एक प्रोफेसर को होना चाहिए. वह एक खराब इंसान है." उसने आगे अपील की, "यूसीएलए आने वाले हर नए स्टूडेंट को इस आदमी से दूर रहना चाहिए. इसने मुझे बहुत तंग किया."

स्थानीय मीडिया में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और छात्रों के हवाले से छपा है कि क्लग के बारे में यह आरोप झूठे हैं. क्लग यहां मेकैनिकल एंड एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के असोसिएट प्रोफेसर थे.

पुलिस जांच में सरकार को मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति बताया जा रहा है. यूसीएलए के कर्मचारियों के बातचीत के आधार पर पुलिस को लगता है कि इस यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र रह चुके सरकार के कंप्यूटर कोड चुराए जाने के दावे "उसकी मनगढ़ंत कल्पना" थी.

मैनक सरकार के लिंक्डइन प्रोफाइल से पता चलता है कि उसने सन 2000 में भारत में आईआईटी खड़गपुर से ग्रैजुएशन के बाद अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री ली. इसके बाद यूसीएलए में रिसर्च किया और उसकी आखिरी एंट्री ओहायो की एक कंपनी में इंजीनियरिंग एनैलिस्ट के रूप में है. इस कंपनी से जानकारी मिली है कि सरकार ने अगस्त 2014 में ही वह काम भी छोड़ दिया था. और तबसे क्या कर रहा था यह किसी को भी नहीं पता.

अमेरिका में स्कूलों और कॉलेजों में सामुहिक हत्याकांड का लंबा इतिहास रहा है. इसी कारण यूसीएलए में गोलीबारी की खबर मिलते ही वहां पहुंचने में पुलिस ने बहुत तेजी दिखाई और बड़ी संख्या में वहां पहुंचे. पिछले साल अक्टूबर में ओरेगन के एक कॉलेज में अंधाधुंध गोलीबारी कर नौ लोगों को मार डाला गया था. उसके पहले 2007 में भी वर्जीनिया टेक में एक बंदूकधारी ने 32 लोगों की हत्या कर दी थी, जो कि अमेरिका के इतिहास में सबसे खूनी मास मर्डर की वारदात थी.

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