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दुनिया

आइसिस ने किया खिलाफत का एलान

उत्तरी सीरिया और इराक पर कब्जा करने वाले आतंकी गुट आइसिस ने अपने नेता अबु बकर अल बगदादी को मुसलमानों का खलीफा घोषित कर दिया है. खलीफा मध्ययुगीन खिताब है जो उस्मानिया साम्राज्य तक चला.

सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (आइसिस) ने रविवार को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की जिसमें कहा गया कि गुट का नेता अब खलीफा होगा. साथ ही ये भी कहा गया कि अपने कब्जे वाले इलाके को वो इस्लामी राज्य कहेंगे. ये राज्य सीरिया के अलेप्पो से लेकर उत्तरी इराक के दियाला तक होगा. आइसिस के प्रवक्ता अबु मुहम्मद अल अदनानी ने बताया, "इस्लामी राज्य की शूरा ने मिल कर इस मुद्दे पर मशविरा किया. इसने तय किया कि एक खलीफा बनाया जाएगा जो मुसलमानों का मुखिया होगा. जिहादी अबु बकर अल बगदादी को मुसलमानों का खलीफा बनाया गया है."

अल बगदादी आइसिस का भी प्रमुख है. वॉशिंगटन से मिली जानकारी के मुताबिक बगदादी का जन्म 1971 में समारा में हुआ. 2003 में अमेरिका के इराक पर हमले के बाद शुरू हुई बगावत में वह भी शामिल हो गया. 2005 में अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उन्होंने अल बगदादी को एक हवाई हमले में इराक सीरिया सीमा पर मार गिराया लेकिन ये दावा गलत निकला.

आइसिस ने फिलहाल उत्तरी और पूर्वी सीरिया के काफी हिस्सों को कब्जे में कर लिया है और उत्तरी पश्चिमी इराक के कई शहर भी. अब सरकारी सेनाएं इराक के तेल भंडार तिकरीत को आइसिस से छुड़ाने की कोशिश कर रही हैं.

1924 में समाप्ति

इस्लामी इतिहास में पैगंबरों का सिलसिला खत्म होने के बाद उनके उत्तराधिकारी खलीफा कहलाए, जो धार्मिक और राजनीतिक प्रमुख हुआ करते थे. खलीफाओं का सिलसिला पिछली सदी तक चला.

आइसिस अरब देशों में मध्ययुगीन सुन्नी खलीफा की पैरवी करता है. उसने रविवार को सभी धड़ों से अपील की कि वह स्वघोषित इस्लामिक राज्य का सहयोग करें. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह आइसिस के पूर्व सहयोगी गुट अल कायदा को सीधी चुनौती है. आइसिस अल नुसरा फ्रंट, अल कायदा के सीरियाई धड़े से जुड़ा रहा लेकिन फरवरी में इन दोनों ही गुटों ने आइसिस से संबंध तोड़ लिए.

तिकरीत में घमासान

उधर इराक की सेना ने रविवार को टैंकर और बख्तरबंद गाड़ियां तिकरीत की ओर रवाना की. ये शहर आइसिस ने अपने कब्जे में कर लिया है. सेना के प्रवक्ता ने दावा किया है कि तिकरीत यूनिवर्सिटी पर सेना ने कब्जा कर लिया है और शहर में 70 आतंकियों को मार गिराया है. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.

इराकी सरकार ने रूस से पांच सुखोई जेट विमान भी खरीदे जो शनिवार को बगदाद पहुंच गए हैं. इन विमानों का आइसिस पर हमले के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. इराक के प्रधानमंत्री नूरी अल मालिकी पर राष्ट्रीय एकता की सरकार बनाने के लिए दबाव है ताकि इराक के सभी धड़ों को सरकार में प्रतिनिधित्व मिले.

एएम/एजेए (एएफपी, रॉयटर्स, डीपीए)

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