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दुनिया

आंध्र में फिर चक्रवाती तूफान की दस्तक

पाइलिन और हेलेन के बाद आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों की तरफ एक और चक्रवाती तूफान बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी से उठा लहर तूफान भी बेहद ताकतवर है.

लहर के गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक देने की चेतावनी दी गई है. आशंका है कि तूफान अपने साथ 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी लाएगा. तीव्रता के लिहाज से इसे पाइलिन के जितना ताकतवर बताया जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार यह 28 नवंबर को दोपहर के समय तूफान जमीन की तरफ आएगा.

तूफान से पहले ही आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश और जोरदार हवायें चल रही हैं. मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि विशाखापट्टनम और कृष्णा जिले के निचले इलाके डूब सकते हैं.

लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की हिदायत दी गई है. मछुआरों को खास तौर पर आगाह किया गया है. तूफान से घरों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है. बिजली, संचार, रेल और सड़क यातायात भी प्रभावित होने का अंदेशा है. तूफान से प्रभावित होने वाले इलाकों में आंध्र प्रशासन ने बुधवार से ही स्कूल, कॉलेज, दुकानें और अन्य संस्थान बंद करा दिए गए हैं. सेना, नौसेना और तटरक्षकों को तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं. भारतीय समाचार चैनल एनडीटीवी के अनुसार आंध्र सरकार ने केन्द्र से चार हेलीकॉप्टर और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की 15 और टीमों की मांग की है. तटीय इलाकों को खाली कराने का काम बुधवार दोपहर शुरू किया गया.

अक्टूबर से अब तक दो भयानक तूफान देख चुके राज्य के लोग सहमे हुए हैं. पिछले हफ्ते ही हेलेन तूफान ने काफी नुकसान किया था. तूफान ने छह लोगों की जान ली. अभी हेलेन की वजह से हुई क्षति का पूरा अनुमान भी नहीं लगाया जा सका था कि लहर ने दस्तक दी है.

अक्टूबर में आए पाइलिन ने ओडिशा के 17 जिलों को भारी नुकसान पहुंचाया था. पाइलिन से आंध्र प्रदेश को भी काफी नुकसान हुआ था. हालांकि उस समय भी तूफान से पहले ही राज्य सरकार की तैयारी की काफी तारीफ हुई थी. लेकिन इतने बड़े स्तर पर प्रभावित इलाकों से लोगों को बार बार निकालना और फिर बसाना, यह सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती है.

एसएफ/ओएसजे (डीपीए)

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