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दुनिया

आंध्र प्रदेश में मंत्रियों का इस्तीफा

आंध्र प्रदेश में जबरदस्त राजनीतिक उठापटक के बीच एक दिन पहले शपथ लेने वाले दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया. मंत्रालय से नाखुश 10 और मंत्री इस्तीफे के मू़ड में बताए जाते हैं. कांग्रेस आलाकमान संकट हल करने की कोशिश में.

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एन किरण कुमार(बाएं)

राज्य में कुल 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. दो के इस्तीफे के बाद कुछ मंत्री दिल्ली जाकर कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाकात करना चाहते हैं. हालांकि आलाकमान ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे हैदराबाद में ही रहें और कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लेते रहें. इस बीच कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद और वीरप्पा मोइली को संकट हल करने के लिए हैदराबाद भेजा जा रहा है.

राजनीतिक खेमों में हलचल है कि कुछ असंतुष्ट मंत्री विद्रोही नेता जगमोहन रेड्डी के करीबी हैं और यह रणनीति बहुत पहले ही तैयार कर ली गई थी. बताया जा रहा है कि जगमोहन रेड्डी पार्टी को तोड़ने की जगह उसके अंदर अपने लोग फिट रखना चाहते हैं ताकि उसे वक्त बेवक्त अस्थिर किया जा सके. जगमोहन रेड्डी कांग्रेस के सांसद थे और अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के निधन के बाद उन्होंने बगावत कर दी.

शपथ ग्रहण समारोह के बाद बुधवार को ही काफी विचार विमर्श और लॉबिंग के बाद मंत्रालयों को बंटवारा हुआ. लेकिन गुरुवार सुबह से ही इस्तीफों की झड़ी लगने लगी. कांग्रेस ने जगमोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी को उनसे बातचीत के लिए लगाया है और दोनों में बात चल रही है.

आंध्र प्रदेश में वाईएस राजशेखर रेड्डी की पिछले साल दो सितंबर को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई. इसके बाद से आंध्र प्रदेश राजनीतिक भंवर में फंसा है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता के रोसैया को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन एक साल के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया. वाईएसआर की मौत के बाद से उनके बेटे जगमोहन रेड्डी का कांग्रेस के साथ रिश्ता बिगड़ गया और किरण कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद भारी विद्रोह के बीच उन्होंने पिछले दिनों सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः महेश झा

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