आंग सान सू ची ने किया हिंसाग्रस्त रखाइन का दौरा | दुनिया | DW | 02.11.2017
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

आंग सान सू ची ने किया हिंसाग्रस्त रखाइन का दौरा

म्यांमार की नेता आंग सान सू ची ने गुरुवार को देश के हिंसाग्रस्त रखाइन प्रांत का दौरा किया. बीते अगस्त इस क्षेत्र में हिंसा भड़की जिसके चलते अब तक लाखों रोहिंग्या मुसलमान यहां से पलायन कर चुके हैं.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक आंग सान सू ची ने रखाइन प्रदेश की राजधानी सितवे पहुंचने के बाद रोहिंग्या क्षेत्र का रुख किया. लेकिन वह अपनी इस यात्रा में राजनीतिक टिप्पणी करने से बचती नजर आईं. रखाइन सरकार के मुताबिक, स्टेट काउंसिलर सू ची सरकारी अधिकारियों के साथ सैन्य हेलीकॉप्टर में सवार होकर हिंसा प्रभावित माऊंगदाव पहुंची जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये.

25 अगस्त को म्यांमार सेना और रोहिंग्या उपद्रवियों के बीच हुई हिंसा और झड़प के बाद से अब तक करीब छह लाख रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश का रुख कर चुके हैं. वहीं रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर म्यांमार सरकार के रुख की दुनिया भर में आलोचना हो रही है. लेकिन म्यांमार सरकार का कहना है कि उसने पलायन कर देश छोड़ने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को वापस लेने की कवायद शुरू कर दी है. हालांकि, सरकार के इन तमाम दावों के बीच म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों का पलायन जारी है. म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जाहिर करते हुए जातीय सफाये की चेतावनी भी दी है.

रोहिंग्या मसले पर सू ची के रुख की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हुई है. सू ची ने इस क्षेत्र का आखिरी दौरा साल 2016 में किया था. म्यांमार सरकार के मुताबिक उन्होंने रखाइन में लोगों को दोबारा बसाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. सू ची ने कहा था कि अगर शरणार्थी स्वयं को म्यांमार का नागरिक साबित कर देते हैं, तो उन्हें वापस आने की अनुमति मिल जाएगी. सरकार के तमाम आश्वासन के बाद अब भी इस क्षेत्र से रोजाना रोहिंग्या मुसलमान पलायन कर रहे हैं. 

एए/आईबी (रॉयटर्स, एपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री