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खेल

अश्विन कंगारुओं के लिए तैयार

अंडर 17 टीम के ओपनर बल्लेबाज आर अश्विन दोहरा शतक जमाने के सात साल बाद मनपसंद ग्राउंड पर कंगारुओं की गिल्ली उड़ाने के लिए तैयार हैं. सात साल लंबे सफर ने उन्हें टीम इंडिया का ऑफ स्पिनर बना दिया है.

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पिछले दिनों चैम्पियंस लीग में चेन्नई सुपर किंग्स की जीत में अश्विन ने बड़ी भूमिका निभाई. छह पारियों में 13 विकेट लेकर वो टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज रहे. हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में हरभजन सिंह को आराम देने के चयनकर्ताओं के फैसले के बाद ही उन्हें टीम में जगह मिल पाई.

24 साल के अश्विन मानते हैं कि भारतीय टीम में स्पिनर या तेज गेंदबाज होना आसान काम नहीं. अश्विन को लगता है कि अब उनका वक्त आ गया है और दुनिया की बेहतरीन क्रिकेट टीम के खिलाफ मुकाबले का मौका उन्हें खुद को भाग्यशाली महसूस कराता है. समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में अश्विन ने कहा, "तेज गेंदबाज हमेशा टीम की धार होते हैं. भारत को हमेशा तेज गेंदबाजीं की तलाश रही है. अच्छा करने के तुरंत बाद ही मौका मिल जाता है."

ये पूछने पर कि क्या हरभजन की मौजूदगी में टीम में शामिल हो पाना मुश्किल था, अश्विन ने जवाब दिया,"उन्होंने भारतीय क्रिकेट को अपनी बहुत सेवाएं दी हैं. ये मायने नहीं रखता कि वो क्या हैं बड़ी बात ये है कि हम क्या हैं और क्या कर सकते हैं, उनका साथ बहुत कुछ सिखाता है."

अश्विन ने ये भी कहा कि भारत में स्पिन गेंदबाजी की एक लंबी परंपरा रही है और यही हाल बल्लेबाजी का भी है. टीम के पास बल्लेबाजों की एक लंबी कतार है ऐसे में टीम में जगह बना पाने के लिए कड़ा मुकाबला होता है.

अश्विन लक्ष्य तय करने में भरोसा नहीं रखते ना ही ये मानते हैं कि आने वाले कल के लिए अच्छा लक्ष्य चुन लेने से आज बेहतर हो जाएगा. वो खेलते रहना चाहते हैं और मैदान पर मौजूद हों तो बस अपना सर्वश्रेष्ठ देने में यकीन रखते हैं.

अश्विन ने कहा कि चैम्पियंस लीग में जो हुआ वो अब बीत चुका है अब उन्हें आगे की सोचना है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे अश्विन रेड्डी स्टेडियम से जुड़ी अपनी यादों की सोच भावुक हो जाते हैं. वो मानते हैं कि चेन्नई के बाद इस स्टेडियम में खेलना उनके लिए अपने घर के पिछवाड़े खेलने जैसा ही है. 2003 में हैदराबाद और तमिलनाडु के बीच अंडर 17 मुकाबले में पहली बार उतरे अश्विन ने यहां दोहरा शतक लगाया था. गेंदबाज के रुप में टीम इंडिया में शामिल हुए अश्विन की वनडे मैचों में बल्लेबाजी का औसत 38.00 है इसलिए टीम में वो एक अच्छी भूमिका निभा सकते है. आश्विन ने पहला अंतरराष्ट्रीय मैच इसी साल हरारे में श्रीलंका के खिलाफ खेला था.

रिपोर्टः पीटीआई/एन रंजन

संपादनः एमजी

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