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जर्मन चुनाव

अल क़ायदा ने दी फ्रांसीसी बंधक को मारने की धमकी

अल कायदा के उत्तर अफ्रीकी संगठन ने धमकी दी है कि अगर फ्रांस की सरकार ने उसकी मांगे नहीं मानी तो वह बंधक बनाए गए फ्रांसीसी नागरिक की 15 दिन के भीतर हत्या कर देगा.

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अल कायदा के धमकी भरे 15 दिन 12 जुलाई से शुरू हो रहे हैं. 15 दिनों में अगर फ्रांस की सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया तो अल कायदा जर्मनॉय की हत्या कर देगा. अल कायदा ने ये भी कहा है कि वो इस मियाद को ना तो आगे बढ़ाएगा ना ही फ्रांस को कोई दूसरी खबर भेजी जाएगी. अमेरिकी खुफिया एजेंसी की साइट ने ये जानकारी दी है. अल कायदा ने जर्मनॉय के बदले अपने एक आदमी को छोड़ने की मांग रखी है और कहा है कि अब जर्मनॉय की जिंदगी का फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोजी के हाथ में है.

इंटरनेट पर प्रसारित संदेश में ये भी कहा गया है कि अगर फ्रांसीसी राष्ट्रपति अल कायदा की चेतावनी का जवाब नहीं देते तो वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन की गलती दोहराएंगे. पिछले साल अल कायदा के इसी गुट ने ब्रिटिश नगारिक एडविन डायर को बंधक बनाने के बाद उसकी हत्या कर दी थी.

अल कायदा ने मई में दावा किया था कि 78 साल के फ्रांसीसी नागरिक मिशेल जर्मनॉय उसके कब्जे में हैं. अल कायदा के मुताबिक उसने जर्मनॉय के उत्तरी नाइजर से अगवा किया. जर्मनॉय एक नौकरी से रिटायर हो चुके इंजीनियर हैं और अलजीरिया में तेल कंपनियों के लिए काम करते थे. जर्मनॉय को बंधक बनाने के बाद अल क़ायदा ने उनकी तस्वीर और ऑडियो टेप जारी की थी. ऑडियो टेप में जर्मनॉय ने अपने देश की सरकार से उनकी रिहाई के लिए कोई सम्मानजनक रास्ता निकालने की अपील की थी.

जहां से जर्मनॉय को बंधक बनाया गया वो सहारा का रेगिस्तानी इलाका है और यहां सरकार की बहुत ज्यादा नहीं चलती. इस इलाके में डकैतों, तस्करों और अल कायदा का काफी असर है. यहां आतंकवादियों ने कोई बड़ा हमला तो नहीं किया लेकिन पश्चिमी देशों के राजनयिक बताते हैं कि लोगों को अगवा करके अल कायदा काफी पैसा कमा रहा है. पश्चिमी देशों को डर है कि इस पैसे का इस्तेमाल कर कोई बड़ा हमला भी किया जा सकता है. पश्चिमी देशों का कहना है कि अल कायदा इस इलाके में अपनी पैठ बढ़ा रहा है. अगर उसे नहीं रोका गया तो वो यमन और सोमालिया की तरह इस इलाके का इस्तेमाल पश्चिमी देशों पर हमले करने के लिए कर सकता है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ एन रंजन

संपादनः आभा एम

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