1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

अलेप्पो में हमलों के बीच जान हथेली पर रख निकलते लोग

20 से भी अधिक हरी बसें अलेप्पो के सरकारी नियंत्रण वाले इलाके से विद्रोहियों के इलाके के लिए जाती दिख रही हैं. युद्धविराम और नागरिकों की सुरक्षित निकासी के समझौते के तहत सीरिया के सरकारी टीवी चैनल पर ऐसा दिखाया जा रहा है.

टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज फ्लैश हो रहे हैं, "निकासी की प्रक्रिया के लिए सभी तैयारियां की जा चुकी हैं." इसके लिए 20 बसों का एक काफिला विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके की ओर जाता दिख रहा है.

बुधवार को अटकने के बाद गुरुवार को एक बार फिर समझौते के तहत लोगों को पूर्वी अलेप्पो से निकाल कर लाने के लिए हरी बसें तैनात हैं. युद्ध विराम के समझौते के बावजूद गुरुवार सुबह से भी कई इलाकों में ताजा हमले की सूचना मिली है. कई एंबुलेंस उन इलाकों में तैयार खड़ी हैं, जहां विद्रोही कब्जे वाले इलाके से निकाल कर लाए गए घायल नागरिकों को तुरंत इलाज मुहैया कराया जा सकेगा.

इस समझौते तक पहुंचने में सीरियाई शासन के प्रमुख सहयोगी रूस और तुर्की की आपसी सहमति ने अहम भूमिका निभाई है. कम से कम पांच सालों से सीरिया के इस महत्वपूर्ण शहर अलेप्पो में राष्ट्रपति असद का कब्जा उनके लिए बहुत बड़ी जीत मानी जा रही है.

पहले समझौते में युद्ध प्रभावित इलाके से निकाले जाने वाले लोगों की पहचान और उनके नामों की सूची को लेकर समस्या आई थी. सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसियों ने बताया है कि सबसे पहले फुआ और कफराया इलाकों से बीमार और घायल लोगों को निकालने की योजना है. यह इदलिब प्रांत में सरकारी कब्जे वाले दो गांव हैं, जिन्हें विद्रोहियों ने घेर रखा था.

नवंबर के मध्य से सरकारी सेना ने पूर्वी अलेप्पो के इन हिस्सों पर कब्जा करने का बड़ा अभियान शुरू किया और कभी विद्रोहियों के कब्जे में रहे 90 फीसदी से अधिक इलाकों में उनका कब्जा है.

सरकार समर्थक सेनाओं ने गुरुवार को पूर्वी अलेप्पो से निकलने की तैयारी कर रहे लोगों के काफिले पर हमला किया. इसमें कम से कम एक व्यक्ति मारा गया. रॉयटर्स को यह जानकारी देते हुए सिविल डिफेंस रेसक्यू सर्विस के प्रवक्ता ने कहा, "(सरकार-समर्थक लड़ाकों ने) हम पर, एंबुलेंस गाड़ियों और सड़के खाली करवा रहे लोगों पर गोलियां चलाईं."

इसके पहले एंबुलेंस सेवा के प्रमुख अहमद सवाइद ने विपक्ष-समर्थक माने जाने वाले टीवी चैनल ओरिएंट टीवी पर बताया कि इस हमले में तीन लोग घायल हुए हैं और हमले के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा. अलेप्पो विद्रोही गुट के एक अधिकारी ने बताया कि गोलियां चलने के समय लोगों का पहला काफिला रामुसा जंक्शन तक पहुंच चुका था. हमले के कारण वे निकल नहीं सके.

इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस ने बताया है कि घायल लोगों को निकाले जाने की प्रक्रिया "चल रही" है. रेड क्रॉस के अधिकारी ने ऐसे "200 से 250 लोगों को निकालने की उम्मीद" जताई है.

आरपी/वीके (एएफपी,रॉयटर्स)

DW.COM

संबंधित सामग्री