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दुनिया

अलेप्पो जाएंगे यूएन के पर्यवेक्षक

संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक अलेप्पो भेजे जाएंगे. गृह युद्ध से बुरी तरह जर्जर हो चुके शहर से हजारों नागरिकों को निकालने का काम जारी है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ध्वनि मत से सीरिया संबंधी प्रस्ताव पास किया है. प्रस्ताव के तहत विद्रोहियों के नियंत्रण में रह चुके पूर्वी अलेप्पो में संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे. फ्रांस के मुताबिक व्यापक संहार को रोकने के लिए यह जरूरी है. फ्रांस और रूस दोनों ने प्रस्ताव पेश किया था. दोनों के प्रस्तावों में अतंर था. तीन घंटे चली बहस के बाद मतभेद को सुलझाया गया और प्रस्ताव के शब्दों पर सहमति बनी.

रिजोल्यूशन में सीरिया के गृह युद्ध में शामिल सभी पक्षों से संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदारों को बिना शर्त मानवीय और चिकित्सकीय मदद के लिए रास्ता देने की मांग की गई है. प्रस्ताव कहता है, "अलेप्पो और पूरे सीरिया में नागरिकों का सम्मान और उनकी रक्षा" होनी चाहिए.

Syrien Busse bei Aleppo in der Idlib Provinz (picture-alliance/dpa/Sana)

जभात अल नुसरा के उग्रवादियों ने जलाई बसें

इससे पहले सोमवार को दिन भर पूर्वी अलेप्पो से बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाला गया. 4,500 से ज्यादा लोग शहर से बाहर आए. तुर्की के विदेश मंत्री के मुताबिक सोमवार को शहर छोड़ने वालों की संख्या 20,000 तक पहुंच सकती है. यूनिसेफ ने 47 अनाथ बच्चों को शहर से सुरक्षित बाहर निकालने का दावा भी किया है. चोटों और शरीर में पानी की कमी की वजह से कुछ बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है.

शहर से बाहर निकलने के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए. बना अलाबेद नाम की एक युवती के मुताबिक अंतहीन बमबारी वाले अलेप्पो से बाहर निकलना बहुत ही बड़ी राहत है.

सोमवार को राहत अभियान देर से भी शुरू हुआ. सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में लोगों को बाहर निकालने के लिए तैयार बसों में कुछ लोगों ने आग लगा दी. इसके चलते देरी हुई. गृह युद्ध की मार झेल रहे इलाके में पहुंचे डॉक्टर अहमद दबिश ने कहा, "लोगों ने कुछ खाया नहीं है, कुछ पिया नहीं है, बच्चों को सर्दी लगी हुई है. वे टॉयलेट तक नहीं जा सकते." पूर्वी अलेप्पो के कुछ गांवों को खाली कराने के दौरान इस्लामिक स्टेट ने भी हमला किया. सैन्य कार्रवाई के बाद वहां से लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ.

ओएसजे/एके (एएफपी, डीपीए)

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