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खेल

अलविदा मिरोस्लाव क्लोजे

जर्मनी के अचूक स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोजे ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहा. ढलती उम्र के बावजूद क्लोजे ने जर्मनी को विश्व कप 2014 की ट्रॉफी उठाने में बड़ी मदद की.

मिरोस्लाव क्लोजे पिछले महीने विश्व कप में दो गोल बनाने के बाद विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने. 13 साल से मैदान पर अपने कारनामे दिखाने वाले क्लोजे का कहना है कि वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल नहीं खेलना चाहते. पिछले महीने जर्मन टीम के कप्तान फिलिप लाम ने भी खेल से रिटायर होने का एलान किया था.

एक बयान में क्लोजे ने कहा, "ब्राजील में खिताब जीतने से मेरे बचपन का सपना पूरा हो गया. मैं खुश हूं और मुझे गर्व है कि मैंने जर्मन फुटबॉल की इस सफलता में बड़ा योगदान दिया. मेरे लिए नेशनल टीम से निकलने का यही सबसे अच्छा वक्त है."

36 साल के क्लोजे 2001 से लेकर अब तक 137 अंतरराष्ट्रीय मैच पर खेल चुके हैं और 71 गोलों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा गोल करने वाले जर्मन फुटबॉलर हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड गेर्ड मुलर का था जिन्होंने 40 साल पहले कुल 68 गोल दागे.

रिकॉर्ड स्कोरर

क्लोजे अपनी टीम में सिर्फ स्ट्राइकर के रूप में खेलते हैं. ढलती उम्र की वजह से ब्राजील में क्लोजे हर मैच में नहीं खेले, लेकिन जब जब जर्मन टीम कांटे के मुकाबले में फंसी, कोच योआखिम लोएव को क्लोजे की याद आई. ग्रुप स्टेज में घाना के खिलाफ उन्होंने एक गोल दागा. उस गोल की बदौलत जर्मनी हार को टालने हुए मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा. सेमीफाइनल में ब्राजील के खिलाफ जर्मनी की शानदार 7-1 जीत में भी क्लोजे ने जबरदस्त भूमिका निभाई. विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब 16 गोलों के साथ क्लोजे सबसे आगे हैं. ब्राजील के स्टार रोनाल्डो उनसे एक गोल पीछे हैं.

क्लोजे के संन्यास पर जर्मन टीम के कोच योआखिम लोएव कहते हैं, "मैं मिरो से पिछले हफ्ते मिला और उसने मुझे बताया कि उसने इसके बारे में काफी सोचा है और अपने परिवार से भी बात की है. मुझे तुरंत पता चल गया कि वह अपना फैसला वापस नहीं लेगा और मेरे कहने से वह अपना फैसला नहीं बदलेगा."

शानदार टाइमिंग

क्लोजे के फैंस उन्हें उनकी लंबाई और शानदार टाइमिंग के लिए जानते हैं. विश्व कप खेलों में उनकी मदद से टीम दो बार फाइनल (2002, 2014) और दो बार सेमीफाइनल (2006, 2010) तक पहुंची. क्लोजे ने किसी भी जर्मनी की युवा फुटबॉल टीमों में हिस्सा नहीं लिया और सीधे राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने लगे. 2002 में उन्होंने विश्व कप में पहली बार खेला और तीन यूरोपीय टूर्नामेंट्स में भी दिखाई दिए.

3 सितंबर को जर्मनी और अर्जेंटीना दोबारा एक फ्रेंडली मैच के लिए साथ आ रहे हैं. इस साल वर्ल्ड कप खेलने वाली ये दोनों टीमें एक बार फिर मैदान पर होंगी, लेकिन इस दौरान क्लोजे और लाम नहीं दिखाई पड़ेंगे.

कोच लोएव ने कहा है कि वह अपने खिलाड़ियों के फैसले का सम्मान करते हैं और जहां तक क्लोजे का सवाल है, उनका रिकॉर्ड ऐसा है कि उसे तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद मुश्किल होगा.

एमजी/ओएसजे (रॉयटर्स, एपी)