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जर्मन चुनाव

अलग तेलंगाना और संयुक्त आंध्र समेत छह विकल्प

तेलंगाना गठन के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश में जबरदस्त तनाव के बीच गृहमंत्री पी चिदंबरम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में रिपोर्ट रख दी है. आंध्र प्रदेश के बंटवारे और अलग तेलंगाना के गठन सहित 6 विकल्प पेश.

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11 महीने तक विचार विमर्श के बाद पांच सदस्यीय श्रीकृष्ण समिति ने 461 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है. एक हफ्ते पहले यह रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी गई और अब विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ इस पर विचार हो रहा है. आंध्र प्रदेश में तनाव के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. एक नजर 6 विकल्पों पर.

- आंध्र प्रदेश का बंटवारा दो हिस्सों में किया जाए जिनके नाम सीमान्ध्र और तेलंगाना रखे जा सकते हैं. वर्तमान सीमाओं के अनुरूप ही इनका गठन किया जाए. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद बनाने की सिफारिश की गई है जबकि रायलसीमा और तटीय आंध्र को मिला कर बनाए जाने वाले संभावित राज्य सीमान्ध्र को एक नई राजधानी मिलेगी.

- राज्य का बंटवारा न करते हुए तेलंगाना क्षेत्र का आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक विकास सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए तेलंगाना क्षेत्रीय परिषद गठित करने का सुझाव दिया गया है जिसे संवैधानिक और कानूनी अधिकार हासिल होंगे.

- आंध्र प्रदेश का सीमान्ध्र और तेलंगाना में बंटवारा कर दिया जाए जबकि हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया जाए. नवगठित सीमान्ध्र और तेलंगाना के लिए नई राजधानी बनाई जाए.

- आंध्र प्रदेश का बंटवारा रायल-तेलंगाना और तटीय आंध्र क्षेत्रों में कर दिया जाए. इस विकल्प के मुताबिक हैदराबाद रायल-तेलंगाना क्षेत्र के पास रहेगा.

- आंध्र प्रदेश का सीमान्ध्र और तेलंगाना में बंटवारा कर दिया जाए और हैदराबाद केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर रहे. केंद्र शासित प्रदेश के रूप में हैदराबाद का भौगोलिक संपर्क दक्षिण पूर्व में नालगोंडा जिले, तटीय आंध्र के गुंटुर जिले, दक्षिण में महबूबनगर जिले और रायलसीमा में कुरनूल जिले से होगा.

- यथास्थिति को फिलहाल कायम रखा जाए. हालांकि इस विकल्प को सबसे आखिरी सुझाव के तौर पर ही पेश किया गया है.

रिपोर्ट एजेंसियां/एस गौड़

संपादन ए कुमार

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