1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

अर्जुन सिंह का भोपाल कांड पर पहला बयान

भोपाल गैस कांड के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को भगाने का आरोप झेल रहे अर्जुन सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने गेंद तत्कालीन केंद्र सरकार के पाले में डाली. अब कांग्रेस ने चुप्पी साध ली है.

default

तोड़ी चुप्पी

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में मध्य प्रदेश के उस वक्त के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने बताया कि उनका इस मुद्दे पर कोई रुख नहीं है. यह जवाब देकर अर्जुन सिंह ने गेंद एक बार फिर कांग्रेस के पाले में डाल दी है. 79 वर्षीय अर्जुन सिंह से जब पूछा गया कि क्या उनकी ऑटोबायोग्राफी में भोपाल गैस कांड पर कुछ नया जानने को मिलेगा तो उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से इस त्रासदी पर लिखेंगे.

कांग्रेस नेताओं और उस समय बड़े पदों पर तैनात रहे अधिकारियों ने अपने बयान जरूर दिए हैं लेकिन अर्जुन सिंह अब तक चुप ही रहे थे. लेकिन चुप्पी तोड़ने के बावजूद अर्जुन सिंह ने इस मामले में आरोपों का स्पष्ट रूप से जवाब नहीं दिया है. जब से भोपाल गैस कांड पर फैसला आया है तब से इस मामले में नए रहस्योद्घाटन हो रहे हैं. मीडिया में नई रिपोर्टें आ रही हैं कि किन परिस्थितियों में यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वॉरेन एंडरसन को भोपाल में जमानत दी गई, भोपाल से दिल्ली लाया गया और फिर वह वापस अमेरिका जाने दिया गया.

Unglück in Indien Bhopal

भारत के उस समय के विदेश सचिव रहे एमके रसगोत्रा ने दावा किया कि उस समय की कांग्रेस सरकार ने एंडरसन को सुरक्षित रास्ता देने का आश्वासन दिया था. उनके इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. एंडरसन की रिहाई की जानकारी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को पता होने के आरोप को कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने घृणित बताया और कहा कि देश का प्रधानमंत्री हर कांस्टेबल पर नजर नहीं रखता कि वह क्या कर रहा है.

अमेरिका के पूर्व राजनयिक गॉर्डन स्ट्रीब का कहना है कि भारत ने अमेरिका से वादा किया था कि एंडरसन को सुरक्षित लौटने दिया जाएगा. स्ट्रीब के मुताबिक जब एंडरसन को भोपाल में गिरफ्तार किया गया तो उन्होंने विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा और उन्हें वादा याद दिलाया. इसके बाद ही एंडरसन को जमानत देकर दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया था.

भोपाल के तत्कालीन जिलाधिकारी मोती सिंह ने कहा कि उनके पास राज्य के मुख्य सचिव का फोन आया था कि एंडरसन को जमानत दी जाए. सीबीआई के पूर्व अधिकारी ने कहा कि प्रत्यर्पण की मांग को वापस लेने के लिए कहा गया. कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि किस वजह से ये लोग 25 सालों तक चुप रहे. विपक्षी दलों के आरोपों को भी पार्टी राजनीति से प्रेरित बता रही है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए जमाल

संबंधित सामग्री