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जर्मन चुनाव

अयोध्या का फैसला टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

अयोध्या केस का फैसला टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट अयोध्या विवाद का फैसला 24 सितंबर को करने वाला है. इस तिथि को टालने के लिए उच्चतम अदालत में अपील की गई है. दो बजे सुनवाई.

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बुधवार को रमेश चंद्र त्रिपाठी याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली. फैसले की तारीख करीब आते देख उच्चतम अदालत आज दोपहर दो बजे ही इस पर सुनवाई करेगा. याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के इनकार के बावजूद अयोध्या केस का फैसला टाला जाना चाहिए. त्रिपाठी ने दलील है कि कॉमनवेल्थ खेलों और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए फैसला टाला जाना चाहिए.

फिलहाल तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट फैसला दो दिन बाद यानी शुक्रवार को सुनाएगा. यूपी की अदालत ने फैसला जुलाई में ही सुरक्षित रख दिया था. कानून व्यवस्था के लिए सरकारों को वक्त देते हुए हाईकोर्ट ने 24 सितंबर को फैसले का दिन तय किया. अदालत अयोध्या की विवादित जमीन के मालिकाना हक का फैसला करेगी.

Oberstes Gericht in Indien

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

त्रिपाठी ने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट से फैसला टालने की अपील की. तब भी उन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों और सांप्रदायिक संवेदनशीलता का हवाला दिया था. लेकिन उस अपील को अदालत ने ठुकरा दिया. हाईकोर्ट ने त्रिपाठी के ऊपर 50,000 रुपये का जुर्माना भी ठोंका. अदालत ने कहा कि वह बिना किसी आधार के कोर्ट का वक्त बर्बाद कर रहे हैं.

हालांकि बाद में तीन जजों की बेंच में फैसले को लेकर कुछ मतभेद दिखाई पड़े. एक न्यायाधीश ने यह तक कह दिया कि फैसले की तारीख को लेकर उनसे कोई राय नहीं ली गई. लेकिन कानूनी जानकारों के मुताबिक बहुमत के आधार पर बेंच फैसले की तारीख तय कर सकती थी. यही हुआ भी.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ ओ सिंह

संपादन: एम गोपालकृष्णन

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