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दुनिया

अमेरिकी सैनिक के बदले में पांच तालिबान रिहा

अमेरिकी सैनिक बो बर्गडाल के बदले में पांच तालिबान लड़ाकों को देने के फैसले पर अमेरिका की कड़ी आलोचना. तालिबान ने कहा यह बड़ी जीत. जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्री के मुताबिक नई शुरुआत है.

अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस डील को अवैध करार दिया है. कतर की मध्यस्थता में हुई इस डील के मुताबिक ये पांचों तालिबान एक साल कतर में रहेंगे. अफगानिस्तान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून को तोड़ने वाला बताया है जिसके मुताबिक कैदियों को किसी तीसरे देश को नहीं दिया जा सकता. अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा, "कोई सरकार किसी और देश के नागरिक को किसी तीसरे देश में ट्रांसफर नहीं कर सकती."

अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई को इस समझौते में शामिल नहीं किया गया. अमेरिकी सरकार ने दलील दी कि वह इस ऑपरेशन के बारे में कोई सूचना लीक नहीं होने देना चाहती थी, इसलिए राष्ट्रपति को शामिल नहीं किया गया. उन्होंने कैदियों की अदला बदली पर कोई टिप्पणी नहीं की.

तालिबान के धार्मिक नेता मुल्ला मुहम्मद उमर ने ग्वांतानामो बे से तालिबान की रिहाई को "बड़ी जीत " करार दिया और सभी मुजाहिदीन को "बधाई " दी है.

अमेरिका में कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने दलील दी कि अमेरिकी राष्ट्रपकि बराक ओबामा ने ये डील करके अमेरिकी लोगों के जीवन को मुश्किल में डाल दिया है. उनका कहना है कि ग्वांतानामो बे में कैद जिन पांच लोगों की अदला बदली की गई है वो गुट के पुराने सदस्य हैं. "और कि वे लौट कर अमेरिकियों के लिए खतरा बन सकते हैं."

अच्छा इरादा

विश्लेषकों का कहना है कि इस डील से जरूरी विश्वास फिर बढ़ेगा. क्योंकि 2016 के आखिर तक अफगानिस्तान से सभी अमेरिकी सैनिक निकल जाएंगे. इसी के साथ 11 सितंबर के आतंकी हमले के बाद 15 साल चले युद्ध का भी अंत हो जाएगा. अमेरिका के रक्षा मंत्री चक हेगल ने उम्मीद जताई है कि इस अदला बदली के बाद अमेरिका तालिबान से सीधी बातचीत कर सकेगा और अफगानिस्तान के नेतृत्व में शांति वार्ता की कोशिश का साथ देगा. उन्होंने कहा, "शायद यह नई शुरुआत हो सकती है जिसके कारण समझौता हो सके. " हेगल बर्गडाल की रिहाई के ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "जो जानकारी और खुफिया सूचनाएं हमारे पास थीं, उनसे जाहिर हो रहा था कि सार्जेंट बर्गडाल की सुरक्षा और सेहत दोनों ही मुश्किल थे. खास कर उनकी सेहत लगातार खराब हो रही थी. हमारा फैसला था कि अगर हमें एक जगह मिल सके और हम तेजी से इसकी ओर बढ़ें ताकि हम उन्हें वहां से निकाल सकें, मुख्य रूप से उनका जीवन बचाने के लिए."

बर्गडाल इकलौते अमेरिकी सैनिक थे, जो पांच साल से तालिबान के कब्जे में रहे. बर्गडाल रविवार को दक्षिणी जर्मनी के अमेरिकी सैनिक अस्पताल में पहुंचे हैं. जहां वो सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने शुरुआत में कहा था कि सैनिक अच्छी हालत में है और खुद चल सकता है. उग्रवादियों के हवाले से एएफपी समाचार एजेंसी ने लिखा है कि बर्गडाल को अफगान पाक सीमा वाले इलाके के बाद आखिर में पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में रखा गया.

एएम/एजेए (एएफपी, रॉयटर्स)

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