1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

अमेरिकी राष्ट्रपति के नए विमान पर बवाल

4 अरब डॉलर यानि करीब 271 अरब रुपये का एक विमान. अमेरिका के भावी राष्ट्रपतियों के लिए बोइंग कंपनी बेहद महंगा जहाज बना रही है. डॉनल्ड ट्रंप इससे नाराज हैं.

अमेरिका के नए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जब नए विमान की कीमत सुनी तो वह भी सन्न रह गए. अरबपति कारोबारी रह चुके ट्रंप ने 4 अरब डॉलर सुनते ही खर्च को "बस से बाहर" बताया और सरकार से बोइंग के साथ कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की अपील की. ट्रंप ने कहा, "बोइंग के भविष्य के राष्ट्रपतियों के लिए ब्रांड न्यू 747 एयर फोर्स बना रहा है, लेकिन इसका दाम बस से बाहर है, 4 अरब डॉलर से ज्यादा. आर्डर रद्द करो."

ट्विटर पर यह कहने के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से भी बात की, "मैं समझता हूं कि ये बेतुका है. हम चाहते हैं कि बोइंग पैसा बनाए लेकिन इतना ज्यादा भी नहीं."

राष्ट्रपति के विमान की जिम्मेदारी अमेरिकी वायु सेना की होती है. वायुसेना के मुताबिक भावी राष्ट्रपतियों के लिए नए विमान की जरूरत है. एयर फोर्स का दावा है कि नया विमान एक बार में सीधे वॉशिंगटन से हॉन्ग कॉन्ग जा सकता है. फिलहाल इस्तेमाल किया जा रहे विमान को इतनी लंबी यात्रा के दौरान बीच में तेल भरवाना पड़ता है.

वहीं अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग का कहना है कि विमान की कीमत ट्रंप के अनुमान से कम आएगी. ट्रंप के ट्वीट के बाद बोइंग ने एक बयान जारी किया, "हम फिलहाल 17 करोड़ डॉलर के करार में हैं जिसके तहत हम एक जटिल क्षमताओं वाला सैन्य विमान बना रहे हैं जो अमेरिकी राष्ट्रपति की खास जरूरतों को पूरा करेगा. हम यूएस एयर फोर्स के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि राष्ट्रपति को बेस्ट विमान मिल सके और अमेरिकी करदाताओं के पैसे का भी सम्मान हो."

बजट दस्तावेजों के मुताबिक नए विमान में बहुत बदलाव देखने को मिलेंगे. विमान का मिलिट्री एवियोनिक्स, सेल्फ डिफेंस सिस्टम और एडवांस कम्युनिकेशन बदला जाएगा. ये सारे एक्स्ट्रा खर्चे हैं. ये सब विकसित करने और बनाने के लिए होने वाली रिसर्च का खर्चा भी अलग है. रिपोर्टों के मुताबिक यह सब मिलाकर खर्चा 4 अरब डॉलर के पार जा रहा है.

ओएसजे/वीके (रॉयटर्स)

DW.COM

संबंधित सामग्री