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ताना बाना

अमेरिकी मुद्रा नीति पर बरसे हू

वॉशिंगटन दौरे पर जाने से पहले चीन के राष्ट्रपति हू जिनताओ ने अमेरिकी की मुद्रा नीति की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि डॉलर की नकदी विवेकपूर्ण और स्थिर स्तर पर रखी जानी चाहिए.

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बुधवार से शुरू होने वाले अमेरिका दौरे से पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल और वॉशिंगटन पोस्ट के लिखित सवालों के जवाब में हू ने कहा है कि अमेरिका की मुद्रा नीति का नकदी और पूंजी के वैश्विक प्रवाह पर बहुत बड़ा असर होता है, इसलिए डॉलर की नकदी को मुनासिब और स्थिर स्तर पर रखा जाना चाहिए.

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि यह सोचना कि युआन की दर बढ़ाने से मुद्रास्फीति पर काबू पाया जा सकता है, बहुत आसान है. उन्होंने कहा कि विनिमय दर में परिवर्तन के बहुत कारण होते हैं. हू जिनताओ ने कहा कि यदि डॉलर आने वाले काफी समय तक संदर्भ मुद्रा बनी रहती है, फिर भी डॉलर के प्रभुत्व वाली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा पद्धति अतीत का उत्पाद है.

अमेरिका और यूरोपीय संघ लंबे समय से चीनी मुद्रा युआन की दर कम रखने के लिए चीन की सरकारी की आलोचना कर रहे हैं. उनका कहना है कि इसकी वजह से चीन द्वारा निर्यात किया जाने वाला माल विश्व बाजार में कृत्रिम रूप से सस्ता रखा जा रहा है.

चीनी लोगों की राय

सोमवार को चाइना डेली में प्रकाशित एक सर्वे के अनुसार 50 फीसदी से अधिक चीनी नागरिकों का मानना है कि 2010 में चीन और अमेरिका के संबंध खराब हुए हैं. सर्वे के अनुसार करीब 40 फीसदी का मानना है कि दोनों देशों के संबंध खराब स्थिति में हैं. इनमें से 80 फीसदी इसके लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा की सरकार को जिम्मेदार मानते हैं. 90 फीसदी दोनों देशों के संबंधों को महत्वपूर्ण मानते हैं जबकि संबंधों को अत्यंत महत्वपूर्ण मानने वाले लोगों की संख्या 2009 के 26 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 54 फीसदी हो गई है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: वी कुमार

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