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दुनिया

अमेरिकी महिला को मौत की सजा

अमेरिकी राज्य वर्जीनिया में दोहरे हत्याकांड की दोषी महिला को मौत की सजा दे दी गई है. यूरोपीय संघ और कई मानवाधिकार संगठन महिला को मानसिक रूप से कमजोर बता कर उसके साथ नरमी बरतने की अपील कर रहे थे.

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टेरेसा लेविस

बीते सौ साल में यह पहला मौका है जब वर्जीनिया राज्य में किसी को मौत की सजा दी गई है. जेल के अधिकारी लैरी ट्रेलर ने बताया कि स्थानीय समय के अनुसार गुरुवार रात 9.13 बजे टेरेसा लेविस को इंजेक्शन के जरिए मौत की सजा दी गई.

लेविस को 2003 में अपने पति और सौतेले बेटे की हत्या का दोषी करार दिया गया. लेविस ने माना कि जीवन बीमा पॉलिसी की रकम हासिल करने के लिए उसने भाड़े के दो हत्यारों से यह काम करवाया. जेल अधिकारी टेलर ने बताया कि जब वह मौत के कमरे में दाखिल हुई तो शांत दिख रही थी. हालांकि मीडिया का कहना है कि वह उदास और डरी हुई थी. लेविस के साथ दोनों हत्यारे भी अपना जुर्म कबूल चुके हैं.

"मैं बस यह चाहती हूं कि कैथी इस बात को जाने कि मैं उसे बहुत प्यार करती हूं. और मुझे बहुत अफसोस है." अधिकारियों के मुताबिक ये लेविस के आखिरी शब्द थे. कैथी क्लिफटन लेविस की सौतेली बेटी है.

मौत की सजा से पहले कैथी ने गुरुवार को अपने आध्यात्मिक सलाहकार और वकीलों से मुलाकात की. उसने भर पेट खाना भी खाया जिसमें फ्राई मुर्गे का गोस्त, मक्खन के साथ हरी मटर, चॉकलेट केक, सेब और डॉक्टर पेपर सोडा शामिल था.

इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पर रोक लगाने की लेविस की अपील को खारिज कर दिया. वर्जीनिया के गवर्नर बॉब मैकडोलेन ने भी मामले में हस्तक्षेप नहीं किया. लेविस वर्जीनिया में 1912 के बाद ऐसी पहली महिला है जिसे मौत की सज़ा दी गई है. 1976 में अमेरिका में मौत की सजा बहाल होने के बाद से वह 12वीं महिला है जिसे यह सजा दी गई.

लेविस की आईक्यू 70 थी जिसे कम समझा जाता है. इसके बावजूद उसे मुकदमे का सामना करने के लिए फिट करार दिया गया. मानसिक स्थिति कमजोर होने की दलीलों के साथ कई मानवाधिकार संगठनों और यूरोपीय संघ ने लेविस के साथ नरमी बरतने की अपील की.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एन रंजन

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