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दुनिया

अमेरिकी प्रोफेसर ने देखा उत्तर कोरिया का परमाणु केंद्र

उत्तर कोरिया ने एक अमेरिकी वैज्ञानिक को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक विशाल संसाधन दिखाया है जहां यूरेनियम का संवर्धन किया जा सकता है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह खुलासा चिंताजनक है.

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स्टैन्फर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सिगफ्रिड एस हेकर ने अखबार को अपनी उत्तर कोरिया यात्रा की जानकारी दी है. लॉस अलमोस नेशनल लैबोरेट्री के पूर्व निदेशक हेकर ने बताया कि उन्होंने परमाणु केंद्र की यात्रा की जिसे बड़ी जल्दी ही बनाया गया.

हेकर ने बताया कि वह यह केंद्र इतना बेहतरीन और शानदार बना है कि वह खुद हैरान रह गए. हेकर ने सैकड़ों नए बनाए गए सेंट्रीफ्यूग्स देखे जिन्हें अत्याधुनिक कंट्रोल रूम से चलाया जा रहा था.

हेकर के मुताबिक उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने दावा किया कि उनके पास 2000 सेंट्रीफ्यूग्स हैं जो लगाए जा चुके हैं और काम कर रहे हैं. सेंट्रीफ्यूग एक छोटी सी मशीन होती है जिसका इस्तेमाल आइसोटोप को अलग करने में होता है. साधारण भाषा में कहें तो इसका इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा पैदा करने में किया जाता है और परमाणु बम बनाने में इससे काम लिया जाता है.

अमेरिकी अधिकारियों के लिए यह खुलासा एक बड़ा धक्का है क्योंकि उनकी जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2009 तक उत्तर कोरिया में ऐसा कोई संयत्र नहीं था जिसकी बात प्रोफेसर हेकर कर रहे हैं. अप्रैल 2009 में अमेरिकी और दूसरे अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को उत्तर कोरिया ने अपने यहां से निकाल दिया था.

इससे जाहिर है कि उत्तर कोरिया ने बेहद तेजी से इस परमाणु संयत्र का विकास किया है. अमेरिकी अधिकारी निष्कर्ष निकाल रहे हैं कि उत्तर कोरिया ने यह काम किसी विदेशी ताकत की मदद से ही किया है. अगर ऐसा है तो प्योंगयांग संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों से बच निकलने में कामयाब रहा है.

हेकर 12 नवंबर को परमाणु केंद्र में गए थे. न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि हेकर ने कुछ दिन पहले अपनी इस यात्रा के बारे में गुप्त रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को बताया था. उसके बाद से ही अमेरिकी प्रशासन ने अपने सहयोगियों को जानकारी देनी शुरू कर दी. साथ ही अमेरिका चीन को भी इस बात के लिए तैयार कर रहा है कि उत्तर कोरिया पर दबाव बढ़ाया जाए.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एन रंजन

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