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ताना बाना

अमेरिकी नागरिक संपत्ति के बेहतर बंटवारे के पक्ष में

अमेरिका में समाजवादियों को हिकारत की नजर से देखा जाता है, धनियों की इज्जत है, लेकिन अमेरिकी नागरिकों की राय में संपत्ति का बेहतर बंटवारा होनी चाहिए, वे स्वीडन जैसे समाज में जीना चाहते हैं.

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हार्वार्ड और ड्यूक युनिवर्सिटी की ओर से इस सिलसिले में एक अध्ययन किया गया है, जिसे जल्द ही प्रकाशित किया जाएगा. इसके अनुसार अमेरिकी नागरिक अपने समाज को बराबरी पर आधारित समझते हैं, लेकिन चाहते हैं कि समाज में और बराबरी हो.

प्रोफेसर माइकेल नॉर्टन और डेन आरियेली की ओर से अमेरिका में संपत्ति के बंटवारे के बारे में 5,522 लोगों के बीच सर्वेक्षण किया गया था. साथ ही उन्होंने पूछा था कि वे इसमें कौन से परिवर्तन चाहते हैं. इससे पता चला है कि नागरिकों की राय में सबसे धनी 20 फीसदी लोगों के पास देश की लगभग 60 फीसदी संपत्ति है. असलियत यह है कि उनके पास 84 फीसदी संपत्ति है. देश में बराबरी के इस अभाव के प्रति नागरिक सचेत नहीं हैं. उन्हें पता नहीं है कि सिर्फ एक फीसदी लोगों के पास देश की आधी संपत्ति है.

लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या वे स्थिति में बदलाव चाहेंगे, तो अधिकतर लोगों का कहना था कि संपत्ति का बेहतर बंटवारा होना चाहिए. लगभग 92 फीसदी लोगों का कहना था कि अमेरिका में संपत्ति का बंटवारा स्वीडन की तर्ज पर होना चाहिए, जिसे पश्चिम की दुनिया में बराबरी का एक नमूना समझा जाता है.

इस सिलसिले में दोनों बड़ी पार्टियों के मतदाताओं के बीच फर्क बहुत कम था. रिपब्लिकन पार्टी के 92 फीसदी मतदाता स्वीडिश नमूने के पक्ष में थे, जबकि डेमोक्रेटों के 93.5 फीसदी मतदाता.

सर्वेक्षण करने वालों का मानना है कि अगर अमेरिकी नागरिक देश में बराबरी के अभाव के बारे में सचेत हो जाते हैं, फिर भी उनका यह विश्वास बना रहेगा कि अमेरिकी सपने के सिद्धांत के आधार पर इस समस्या को सुलझाया जा सकता है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: एन रंजन

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