अमेरिकी ट्रक रुके, इमरान खुश | दुनिया | DW | 04.12.2013
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दुनिया

अमेरिकी ट्रक रुके, इमरान खुश

अमेरिका ने पाकिस्तान के रास्ते अपने ट्रकों के अफगानिस्तान जाने पर रोक लगा दी है. इसके बाद तहरीके इंसाफ के नेता इमरान खान ने खुशी जताई है और इसे कूटनीतिक सफलता बताया है.

उत्तर पश्चिम में हथियारबंद लोगों का जत्था नाटो के ट्रकों की तलाशी ले रहा था. पाकिस्तान के कबायली इलाकों में अमेरिकी ड्रोनों से हो रहे हमलों के विरोध में उन्होंने ट्रकों के लिए रास्ता बंद कर दिया है. पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी तहरीके इंसाफ की अपील पर ट्रकों का रास्ता रोका गया और अफगानिस्तान जाने के रास्ते में अनधिकृत बैरिकेड लगा दिया गया.

इसके बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता मार्क राइट ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका ने अपनी तरफ से फैसला लेते हुए ट्रकों को रोक दिया है. अमेरिका और नाटो के लिए बहुत सारा माल पाकिस्तान के तोरखाम सीमा से होता हुआ अफगानिस्तान जाता है. अमेरिकी नेतृत्व वाली पश्चिमी सेना अगले साल के आखिर तक अफगानिस्तान छोड़ने वाली है.

NATO LKW-Fahrer in Pakistan

पाकिस्तानी रास्ते से जाते नाटो ट्रक

हालांकि दक्षिण पश्चिमी पाकिस्तान में भी नाटो के कारवां के लिए अफगानिस्तान जाने का रास्ता है और तहरीके इंसाफ की अपील का वहां कोई असर नहीं हुआ है. पार्टी की प्रवक्ता शीरीं मजारी ने अमेरिका के फैसले को रणनीतिक सफलता बताया और कहा कि उनका विरोध जारी रहेगा.

उन्होंने कहा, "अमेरिका ने तोरखाम के रास्ते अपने ट्रकों के जाने पर रोक लगा दी है. लेकिन इससे हमारे प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हम तब तक प्रदर्शन करेंगे, जब तक ड्रोन हमले बंद नहीं हो जाते." पाकिस्तानी तालिबान के प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद की पिछले दिनों अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई. इसके बाद ही तहरीके इंसाफ ने मांग की थी कि पाकिस्तान सरकार ड्रोन हमलों के खिलाफ अमेरिका से अपील करे. हालांकि पाकिस्तान की सरकार ने ऐसा नहीं किया.

अमेरिकी अधिकारियों ने अपने ट्रकों से कहा है कि वे अफगानिस्तान की सीमा में रहते हुए अगले आदेश का इंतजार करें. उसका कहना है कि रास्ते जल्दी ही खुल सकते हैं. अमेरिका के एक रक्षा अधिकारी का कहना है कि वे मानते हैं कि "पाकिस्तान सरकार अमेरिका का पूरा समर्थन करती है" और उन्हें उम्मीद है कि रास्ते जल्दी खुल जाएंगे.

Protest Pakistan Drone NATO

ड्रोन हमलों के खिलाफ प्रदर्शन

पाकिस्तान ने पिछले साल अमेरिका के साथ एक करार पर दस्तखत किया है, जिसके मुताबिक 2015 तक अमेरिकी ट्रकों को पाकिस्तान से होकर गुजरने की अनुमति होगी. हालांकि गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने मौजूदा हालात में किसी तरह का दखल देने से इनकार कर दिया.

प्रवक्ता उमर हमीद खान ने कहा, "कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम प्रांतीय सरकारों का है. नाटो ट्रकों की सुरक्षा का दायित्व भी प्रांतीय सरकार पर है. हम इस दिशा में उन्हें कोई निर्देश नहीं दे सकते हैं."

खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में इमरान खान की तहरीके पाकिस्तान पार्टी की हुकूमत है, लेकिन राजमार्ग केंद्र सरकार का विषय है और कुछ लोगों का कहना है कि ट्रकों के रास्ते रोकने का कोई आधार नहीं है.

हालांकि अमेरिका के पास मध्य एशिया से होकर दूसरे रास्ते भी हैं. लेकिन वे बेहद खर्चीले और ज्यादा वक्त लेने वाले हैं. अमेरिका के आधे से ज्यादा मालवाहक ट्रक पाकिस्तान के रास्ते होकर गुजरते हैं. बाकी का माल हेलिकॉप्टरों या वायु यातायात से ले जाया जाता है.

इससे पहले एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर ने "गलती से" 24 पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला था, जिसके बाद पाकिस्तान से होकर जाने वाला रास्ता सात महीने तक बंद था. इसे पिछले साल खोला गया.

पाकिस्तान में ड्रोन हमले बेहद अलोकप्रिय हैं. लेकिन अमेरिका का कहना है कि तालिबान और अल कायदा से लड़ाई में ये हमले करना जरूरी है. हालांकि सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान की सरकार इन हमलों की निंदा करती है. लेकिन समझा जाता है कि अंदरखाने अमेरिका को उसकी सहमति प्राप्त है.

एजेए/एनआर (एएफपी)

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